विज्ञापन

स्कूल बनाने के लिए 800 साल पुराने शिव मंदिर पर चलाया बुलडोजर, जमीन से निकले गणपति

Warangal Shiva Temple Demolished: यह ऐतिहासिक शिव मंदिर "कोटा कट्टा" मड फोर्ट रीजन में स्थित था, जो प्राचीन तालाबों, दीवारों और पुराने काकतीय किलों के लिए फेमस है. हेरिटेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस स्ट्रक्चर को नष्ट करने के बजाय संरक्षित किया जा सकता था या सुरक्षित रूप से कहीं और भेजा जा सकता था.

स्कूल बनाने के लिए 800 साल पुराने शिव मंदिर पर चलाया बुलडोजर, जमीन से निकले गणपति
तेलंगाना में स्कूल बनाने के लिए तोड़ा शिव मंदिर.
  • तेलंगाना के वारंगल में 13वीं शताब्दी के काकतीय काल के शिव मंदिर को सरकारी स्कूल निर्माण के लिए तोड़ दिया गया
  • मंदिर के अवशेषों से फरवरी 1231 ईस्वी का दुर्लभ तेलुगु शिलालेख मिला, जो ऐतिहासिक महत्व दर्शाता है
  • शिलालेख में काकतीय राजा गणपतिदेव को महाराजा और राजधिराजुलु के रूप में उल्लेखित किया गया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

तेलंगाना के वारंगल में एक सरकारी स्कूल बनाने के लिए काकतीय काल के 800 साल पुराने शिव मंदिर को तोड़ दिया गया. जिसकी वजह से इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है. कार्यकर्ताओं के साथ-साथ केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी मामले का संज्ञान लिया है. मामला खानपुर मंडल के अशोक नगर का है. जिस शिव मंदर को तोड़ा गया है उसे काकतीय राजा गणपतिदेव के शासनकाल के दौरान 13वीं शताब्दी में बनाया गया था. सरकारी स्कूल बनाने के लिए इस पर बुलडोजर चला दिया गया. इस दौरान जमीन से फरवरी 1231 ई. का एक दुर्लभ तेलुगु शिलालेख भी मिला.

मंदिर तोड़ने पर फूटा हेरिटेड एक्सपर्ट्स का गुस्सा

इतिहासकारों का कहना है कि शिलालेख में गणपतिदेव को "महाराजा" और "राजधिराजुलु" के रूप में दिखाया गया है. इससे इसके ऐतिहासिक महत्व का पता चलता है. रिकॉर्ड्स के मुताबिक, शिलालेख को हेरिटेज डिपार्टमेंट द्वारा 1965 में ही प्रलेखित किया गया था. यह ऐतिहासिक शिव मंदिर "कोटा कट्टा" मड फोर्ट रीजन में स्थित था, जो प्राचीन तालाबों, दीवारों और पुराने काकतीय किलों के लिए फेमस है. हेरिटेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस स्ट्रक्चर को नष्ट करने के बजाय संरक्षित किया जा सकता था या सुरक्षित रूप से कहीं और भेजा जा सकता था. उन्होंने सवाल उठाया कि तेलंगाना के मध्यकालीन इतिहास से जुड़े इस स्मारक को संरक्षित करने में अधिकारी सफल क्यों नहीं हो पाए. 

Latest and Breaking News on NDTV

शिव मंदिर नष्ट करने को लेकर केस दर्ज

तेलंगाना के मानवाधिकार वकील रामाराव इम्माननी ने इसे लेकर पहले राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई, फिर  केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और पुरातत्व विभाग ने भी इसे नष्ट करने को लेकर मामला दर्ज किया.

शिकायत में तेलंगाना सरकार पर राज्य विरासत अधिनियम के तहत विरासत संरक्षण समिति का गठन न करने का भी आरोप लगाया गया है. मंदिर ध्वस्त करने की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ अधिनियम की धारा 30 के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. मंदिर तो तोड़ने से पहले पुरातत्व और बंदोबस्ती विभागों से उचित अनुमति ली गई थी या नहीं, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

जल्दबाजी में मंदिर तोड़े जाने का आरोप

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के बावजूद तोड़तोफ का काम जल्दबाजी में किया गया. बता दें कि अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है और वारंगल कलेक्टर डॉ. सत्य शारदा आईएएस और वरिष्ठ पुरातत्व अधिकारियों समेत जिला अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है. 

इसे लेकर कई हेरिटेज ग्रुप्स ने जवाबदेही और क्षेत्र में अन्य काकतीय काल के स्मारकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है. बता दें कि मंदिर को नष्ट किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुससा फूट पड़ा है. लोग इस पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई लोगों ने पूछा कि सदियों पुराने स्मारक को नष्ट किए बिना स्कूल क्यों नहीं बनाया जा सका?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com