सोशल मीडिया पर बिहार के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में तेजस्वी यादव भाषण देते दिख रहे हैं. इस दौरान वो कह रहे हैं, ' जीतन राम मांझी को श्रद्धांजलि.' दरअसल तेजस्वी 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे. इस दौरान वे गलती से 'दशरथ मांझी' की जगह 'जीतन राम मांझी' बोल देते हैं. इस बयान पर जीतनराम मांझी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि लगता के उनका नशा नहीं उतरा है.
क्या हुआ था?
पटना में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यालय में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, कई राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में भाषण में तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि दी. लेकिन इसी दौरान गलती से उन्होंने दशरथ मांझी की जगह जीतन राम मांझी का नाम ले लिया. हालांकि उन्होंने तुरंत अपनी गलती सुधारी और दशरथ मांझी का नाम लिया.
दशरथ मांझी की श्रद्धांजलि सभा में तेजस्वी की जुबान फिसली, जीतन राम मांझी को दे दी श्रद्धांजलि! pic.twitter.com/4dPq66Sj6R
— Sadan Singh Rajput (@SadanJee) August 17, 2026
जीतन राम मांझी ने दी प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव का वीडियो वायरल होने के बाद जीतन राम मांझी का रिएक्शन भी सामने आया. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'नशा शराब में होती तो नाचती बोतल'. लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहें हैं. अगर हालात नहीं सुधरें तो आने वाले वक्त में ये जनाब जीते जी अपने पिता लालू जी एवं राबड़ी जी को भी श्रद्धांजलि दे देंगें. नशा कुछ भी करा सकता है.'

कार्यक्रम के बाद, तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से मांग की कि वह पटना में दशरथ मांझी की मूर्ति लगाए और उनके नाम पर एक आश्रम बनाए. उन्होंने बिहार में कथित भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा. कथित डस्टबिन घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कई अन्य मामलों में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
तेजस्वी ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि राज्य को वेतन और पेंशन देने में मुश्किल हो रही है. उन्होंने कहा, "यह सरकार पूरी तरह कंगाल हो गई है. सरकार न तो वेतन दे पा रही है और न ही पेंशन."
19 अगस्त को राजभवन मार्च के बारे में तेजस्वी यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक खुला मार्च होगा और उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि राजद छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल ही में हुई एके-47 से जुड़ी घटना को उठाएगी. उनके अनुसार, राजद नेता और कार्यकर्ता राजभवन तक मार्च करेंगे, राज्यपाल से मिलेंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे. उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने का आग्रह किया.
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