राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का एक ताजा ट्वीट चर्चा में आ गया है. जिसमें उन्होंने अपने पिता लालू यादव के साथ दो तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि उनके लिए पिता की खुशी और आशीर्वाद से बढ़कर कुछ नहीं है. रोहिणी ने कहा कि वह जल्द अपने पिता के पास आ रही हैं और एक बेटी होने का फर्ज निभाएंगी. जिसके बाद उनके जल्द ही बिहार लौटने की चर्चा तेज हो गई है.हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया है कि परिवार में उनकी वापसी किस रूप में होगी और क्या इसका राजनीतिक गतिविधियों पर भी कोई असर पड़ेगा. <
मेरे लिए मेरे पापा, उनकी ख़ुशी और उनके आशीर्वाद से बढ़कर कुछ भी नहीं। उनके बुलावे से बढ़कर कोई आदेश नहीं…..इसलिए जल्द ही आ रही हूँ, अपने पापा के पास, एक बेटी होने का फर्ज निभाने 🙏 pic.twitter.com/bxA6GPCWyg
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 29, 2026
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सिंगापुर लौटने से बढ़ी थीं दूरियों की अटकलें
रोहिणी आचार्य का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब उनके और परिवार के बीच अनबन की खबरें जोरों पर थीं. दरअसल, नंवबर 2025 में जब बिहार चुनाव का रिजल्ट आया था तभी रोहिणी अचानक पटना छोड़कर वापस सिंगापुर लौट गई थीं. तब उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से खुद को अलग कर रही हैं. उस पोस्ट में उन्होंने संजय यादव और रमीज का भी नाम लिया था. तब रोहिणी के इस तेवर और अचानक रवानगी से सियासी गलियारों में ये चर्चा तेज हो गई थी कि वो परिवार और भाई तेजस्वी यादव के कुछ फैसलों से नाराज हैं. ये भी कयास लगाए जा रहे थे कि लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी और परिवार के भीतर उनके रोल को लेकर कुछ मतभेद पैदा हो गए थे, जिसकी वजह से वह दूरी बनाकर सिंगापुर चली गईं.
ट्वीट के जरिए दी नाराजगी खत्म होने के संकेत
बहरहाल अब रोहिणी के इस भावुक ट्वीट ने इन सभी अटकलों और पारिवारिक कलह की खबरों पर विराम लगा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लालू परिवार के बीच चल रही अनबन अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है. रोहिणी ने अपने ट्वीट में साफ लिखा है कि उनके लिए पिता के बुलावे से बढ़कर कोई आदेश नहीं है. इससे यह साफ संकेत मिलता है कि पिता लालू प्रसाद यादव के हस्तक्षेप और पहल के बाद परिवार के सारे गिले-शिकवे दूर हो गए हैं.
लालू यादव को किडनी देकर जीता था सबका दिल
बता दें कि रोहिणी आचार्य वही बेटी हैं जिन्होंने साल 2022 में अपने पिता लालू प्रसाद यादव की जान बचाने के लिए सिंगापुर में अपनी किडनी डोनेट की थी. इस कदम के बाद राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने रोहिणी के इस जज्बे की तारीफ की थी. राजनीति में कदम रखने के बाद उन्होंने सारण लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था. हालांकि, उन्हें भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से हार का सामना करना पड़ा था.
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