महाराष्ट्र पुलिस के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को फिलहाल जेल में ही रहना होगा. बॉम्बे हाई कोर्ट ने वाजे की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. बता दें कि सचिन वाजे का नाम मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के बाहर विस्फोटकों से लदी गाड़ी मिलने और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में सामने आया था. एनआईए ने इन मामलों की जांच की है और वाजे की भूमिका को लेकर लगातार गंभीर आरोप लगाए हैं.
सचिन वाजे 13 मार्च 2021 से हिरासत में हैं. उनकी जमानत याचिका में उल्लेख किया गया था कि इस मामले में एनआईए की ओर से 14 हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है. इसमें 320 गवाह और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल सबूत शामिल हैं. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी द्वारा वाजे को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सवाल किया कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रैंक का एक अधिकारी मर्सिडीज और BMW जैसी महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल कैसे कर सकता है.
वाजे ने जांच में सहयोग नहीं किया
हाई कोर्ट ने एंटीलिया के बाहर खड़ी एसयूवी में मिली जिलेटिन की छड़ों को लेकर भी जांच एजेंसी से सवाल किए. कोर्ट ने इन छड़ों के स्रोत के बारे में जानकारी मांगी और यह भी पूछा कि जांच के दौरान इसका पता क्यों नहीं लगाया जा सका. NIA ने कहा कि वाजे ने जांच में सहयोग नहीं किया. इस पहलू पर कोर्ट के सवालों ने जांच और उपलब्ध सबूतों से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर सुनवाई के केंद्र में ला दिया. NIA ने वाजे को मिली जमानत को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. एजेंसी ने उन्हें दी गई राहत पर रोक लगाने की मांग की थी. इसके बाद हाई कोर्ट ने उस रोक को बरकरार रखा.
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