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सुन रहे हैं तेजस्वी यादव ! आपके प्रदेश अध्यक्ष बोले- बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव मुमकिन नहीं

बिहार MLC चुनाव में हार के बाद RJD प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर में भी निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होते, जबकि INDIA गठबंधन में तालमेल की कमी और फ्रेंडली मुकाबलों को हार की वजह बताया.

सुन रहे हैं तेजस्वी यादव ! आपके प्रदेश अध्यक्ष बोले- बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव मुमकिन नहीं

बिहार विधान परिषद चुनाव में करारी हार के बाद RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल का एक बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. एक ओर उनकी पार्टी लगातार EVM का विरोध करती रही है, वहीं दूसरी ओर मंडल ने कहा है कि उनकी व्यक्तिगत राय में पेपर बैलेट प्रणाली में भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हो पाते. उनका तर्क है कि बैलेट पेपर के दौर में कमजोर, पिछड़े और दलित वर्गों के मतदाता खुलकर वोट नहीं डाल पाते थे, जबकि प्रभावशाली तबके उनके वोटों पर कब्जा कर लेते थे. इसके साथ ही मंगनी लाल मंडल ने महागठबंधन की रणनीति को भी कटघरे में खड़ा किया. IANS को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि इस चुनाव में सीटों को लेकर बेहतर तालमेल नहीं बन पाया. 

हार के बाद बैलेट पेपर पर उठाए सवाल

बिहार MLC चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद मंगनी लाल मंडल ने चुनावी व्यवस्था पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर को लेकर दो अलग-अलग पहलू हैं और व्यक्तिगत तौर पर उनका मानना है कि इस व्यवस्था में फ्री एंड फेयर इलेक्शन पूरी तरह संभव नहीं हो पाते. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी EVM का विरोध करती है और यह भी मानती है कि EVM में तकनीकी गड़बड़ियां या छेड़छाड़ की आशंकाएं हो सकती हैं. लेकिन इसके बावजूद वह खुद व्यक्तिगत तौर पर बैलेट पेपर प्रणाली में लौटने के पक्ष में नहीं हैं.

'कमजोर वर्गों के वोट हड़प लिए जाते थे'

मंगनी लाल मंडल ने कहा कि बैलेट पेपर के दौर में समाज के कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अवसर नहीं मिल पाता था. उनका दावा है कि प्रभावशाली और दबंग जातियां इन वर्गों के वोटों पर कब्जा कर लेती थीं. उन्होंने कहा कि पिछड़े, अति पिछड़े (EBC) और दलित बहुल इलाकों में बूथ कैप्चरिंग आम बात थी. कई जगह पूरे के पूरे मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया जाता था, जिससे वास्तविक मतदाताओं की इच्छा मतदान में परिलक्षित नहीं हो पाती थी. RJD प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि EVM को मूल रूप से बूथ कैप्चरिंग जैसी समस्याओं से निपटने के लिए लाया गया था. उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को अपनाया गया, हालांकि समय-समय पर EVM की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. 
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MLC चुनाव में RJD को क्या नुकसान हुआ?

चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगनी लाल मंडल ने केवल चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि INDIA गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी को भी हार की बड़ी वजह बताया. उन्होंने कहा कि कई सीटों पर महागठबंधन की पार्टियों के बीच तालमेल नहीं बन सका और इसका सीधा फायदा NDA को मिला.मंडल ने विशेष तौर पर कांग्रेस के रुख पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर सहयोगी दलों का व्यवहार गठबंधन की भावना के अनुरूप नहीं रहा. उनके मुताबिक कई सीटों पर हुए तथाकथित 'फ्रेंडली मुकाबलों' ने विपक्षी वोटों का बंटवारा किया, जिसका नुकसान RJD और INDIA गठबंधन को उठाना पड़ा. RJD प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि अगर विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय और साझा रणनीति होती तो परिणाम अलग हो सकते थे. 
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