- राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सियासी विवाद छिड़ गया है
- राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार कहा, जिसे बीजेपी नेताओं ने सिखों के अपमान के रूप में देखा और इस्तीफा मांगा
- मनजिंदर सिंह सिरसा ने राहुल की टिप्पणी को शर्मसार करने वाला बताया और कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए
लोकसभा में लगातार हंगामे के बीच बुधवार को कुछ ऐसा हुआ, जिस पर एक बार फिर से सियासी संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी नेता राहुल गांधी पर सिखों के अपमान का आरोप लगाकर उनका इस्तीफा मांग रहे हैं. दरअसल संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. संसद भवन के मकर द्वार पर निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहकर बुरे फंस गए हैं. राहुल के रवनीत को गद्दार कहने पर सियासी संग्राम छिड़ गया है.
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मकर द्वार पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों के पास से जब केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू गुजरे, तो लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी ने कहा, "देखो, गद्दार यहीं से गुजर रहा है.चेहरा देखो..." राहुल गांधी ने उनसे हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा, "हैलो भाई, मेरे गद्दार… pic.twitter.com/kRAypbSn8r
— NDTV India (@ndtvindia) February 4, 2026
बिट्टू ने कांग्रेस छोड़ दी, इसलिए उन्हें गद्दार कहा
बीजेपी नेता इसे सिखों के अपमान से जोड़ रहे हैं. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार सिर्फ इसलिए कहा क्योंकि बिट्टू ने कांग्रेस छोड़ दी थी. उन्होंने कहा कि गद्दार शब्द को हल्के में नहीं लिया जा सकता. यह शब्द उस व्यक्ति के लिए प्रयोग किया जाता है जिसने अपने देश के साथ विश्वासघात किया हो. सिख समुदाय के लिए यह एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है. उन्होंने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू केवल लुधियाना से निर्वाचित सांसद ही नहीं हैं, बल्कि वह देश की सेवा करने वाले एक सिख परिवार के सदस्य भी हैं. बिट्टू के दादा सरदार बेअंत सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री थे, वह एक हत्यारे की गोली का शिकार हो गए थे और आप उन्हें गद्दार कहते हैं. यह अस्वीकार्य है.
The way Shri Rahul Gandhi has addressed parliamentarian and respected Sikh leader Sardar Ravneet Singh Bittu Ji, as a ‘Traitor' crosses all boundaries of civility, decency and dignity.
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) February 4, 2026
It is entirely possible that he holds a deep grudge against Bittu Ji for choosing the…
कांग्रेस की मानसिकता नहीं बदली
बीजेपी नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को देशद्रोही कहने पर पूरा सिख समुदाय नाराज है. वहीं दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता में अब भी बदली नहीं है. आज हुई घटना उसका जीता जागता प्रमाण है. सिरसा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "राहुल गांधी ने आज संसद में सिख मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ जिस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया, उन्हें गद्दार कहा, इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. यह बयान बड़ा शर्मसार करने वाला है."
राहुल गांधी जी ने आज parliament में सिख मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू जी के खिलाफ जिस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया, उन्हें गद्दार कहा, इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। यह बयान बड़ा शर्मसार करने वाला है।
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) February 4, 2026
सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता।
अगर कोई गद्दार है, तो… pic.twitter.com/M5ffCzOSMP
उन्होंने कहा कि सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता. अगर कोई गद्दार है, तो वो गांधी परिवार है, जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता आज भी नहीं बदली है.
सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के इस तरह के अपशब्द और सिखों के प्रति नकारात्मक भाव को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. यह न केवल सिखों की तौहीन है बल्कि कांग्रेस की मानसिकता में आज भी वही जहर मौजूद है, जो 1980 के दशक में था. उन्होंने लोकसभा के स्पीकर से तुरंत कार्यवाही करने की मांग की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियों और भावनाओं को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.
कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हुए हैं
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हुए हैं. कांग्रेस 1984 में हुए दंगों में भी सिखों को गद्दार कहती थी और आज 2026 में भी सिखों को गद्दार कह रही है. राहुल गांधी ने पूरे सिख समुदाय को गाली दी है. उनको इस्तीफा देना होगा.
#WATCH दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर लोकसभा सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर कहा, "कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हुए हैं। कांग्रेस 1984 में हुए दंगों में भी सिखों को गद्दार कहती थी और आज 2026 में भी… pic.twitter.com/9P3JCOnk20
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2026
राहुल के तंज पर रवनीत सिंह बिट्टू का रिएक्शन भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि ये हमेशा ही सिखों को निशाना बनाते रहे हैं, उसी तरीके से आज वे शब्द बोले. वहां मौजूद बाकी सांसदों ने कुछ नहीं कहा. हम सहकर्मी हैं रोज मिलते हैं लेकिन किसी ने कुछ नहीं बोला. बिट्टू ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं पता नहीं आज उन्हें क्या हुआ था क्या गुस्सा लेकर मन में बैठे थे. गद्दार बोलकर उन्होंने हाथ आगे किया तो मैंने कहा कि आप मेरी बात छोड़िए आप क्या हैं? आप देश के सबसे बड़े गद्दार हैं और सिखों के कातिल हैं."
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "ये सिख को हमेशा निशाना बनाते रहे हैं, उसी तरीके से आज वे शब्द बोले। बाकी सांसद थे किसी ने कुछ नहीं कहा। हम सहकर्मी हैं रोज मिलते हैं लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा... राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं पता नहीं आज उन्हें क्या हुआ… https://t.co/eL61hsgbFn pic.twitter.com/Oakf9xXRFN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2026
राहुल और बिट्टू के बीच हुआ क्या?
पूरा मामला ये है कि संसद भवन के मकर द्वार पर खड़े राहुल गांधी निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे. बिट्टू को देखते हुए राहुल गांधी ने उन पर 'गद्दार दोस्त' कहकर तंज कसा. उन्होंने कहा, "मेरा गद्दार दोस्त, चिंता मत करो, वापस आऊंगा." राहुल गांधी ने आगे बढ़कर रवनीत सिंह बिट्टू से हाथ मिलाने की भी कोशिश की. हालांकि, कांग्रेस सांसदों के सामने रवनीत सिंह बिट्टू ने उनसे हाथ नहीं मिलाया. उन्होंने राहुल की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्हें 'देश का दुश्मन' कहा. कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रवनीत बिट्टू संसद भवन के अंदर चले गए. उनके पीछे राहुल गांधी भी चले गए.
कांग्रेस के सांसद बुधवार को संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. दरअसल संसद के नियमों का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस के 8 सांसदों पर कार्रवाई हुई है. लोकसभा सांसद गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिकम टैगोर, डॉ. प्रशांत यादवराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन को संसद के बाकी सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया है.
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