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This Article is From Feb 04, 2026

6 हजार करोड़ का शराब घोटाला... रातभर बीजेपी विधायकों ने किया कर्नाटक असेंबली में प्रदर्शन, जानें क्या है मांगें

कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी और जनता दल ने आबकारी मंत्री आर. बी. तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया.

6 हजार करोड़ का शराब घोटाला... रातभर बीजेपी विधायकों ने किया कर्नाटक असेंबली में प्रदर्शन, जानें क्या है मांगें
बेंगलुरु:

भारतीय जनता पार्टी और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) ने आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य के आबकारी मंत्री आर. बी. तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा में रातभर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे विधायक विधानसभा में ही सोते हुए नजर आए. बीजेपी का आरोप है कि आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और शराब लाइसेंस जारी करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है. नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने आरोप लगाया कि कथित घोटाला 6,000 करोड़ रुपये का है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस इस पैसे का इस्तेमाल चुनावी राज्यों में पार्टी के वित्तपोषण के लिए कर रही है.

80 लाख रुपये की मांग करने का आरोप

विपक्ष विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाता रहा है. हालिया घटनाक्रम 16 जनवरी को बेंगलुरु शहरी जिले के आबकारी उपायुक्त जगदीश नाईक और दो अन्य अधिकारियों की लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर गिरफ्तारी के बाद सामने आया. लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, उन पर सीएल-7 (होटल और बोर्डिंग हाउस) और ‘माइक्रो ब्रूअरी' लाइसेंस जारी करने के लिए 80 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है. मंत्री ने भाजपा की इस्तीफे की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि भाजपा सरकार के दौरान किसी भी मंत्री ने कभी इस्तीफा नहीं दिया.

संघ पिछले 20 वर्षों से अस्तित्व में नहीं

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने विधानसभा में कहा, 'भ्रष्टाचार का मुद्दा नई बात नहीं है, खासकर मेरे विभाग में.' तिम्मापुर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से चर्चा करने के बाद हर स्तर पर भ्रष्टाचार को कम करने और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मंत्री ने कहा कि वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन द्वारा सभी मंत्रियों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें जे. एच. पटेल, रेणुकास्वामी और कट्टा सुब्रमण्या नायडू शामिल हैं. अब यह संघ पिछले 20 वर्षों से अस्तित्व में नहीं है.

कुछ लोगों के पास 20 से 100 बेनामी लाइसेंस

तिम्मापुर ने दावा किया, 'मंत्री बनने के बाद मैंने प्रक्रिया को सरल बनाया और परामर्श प्रणाली शुरू की. मैंने हर पांच साल में नवीनीकरण का प्रावधान किया क्योंकि सालाना नवीनीकरण से परेशानी होती थी. क्या यह बदलाव नहीं था? सीएल-7 के लिए 16 'लॉगइन' की आवश्यकता होती थी, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी. मैंने इन 'लॉगइन' को घटाकर सात कर दिया.' तिम्मापुर ने कहा कि उन्हें पता है कि कुछ लोगों के पास 20 से 100 बेनामी लाइसेंस हैं. मंत्री ने कहा, 'क्या कमजोर वर्ग के लोगों को लाइसेंस नहीं मिलने चाहिए? इसीलिए मैंने ई-नीलामी शुरू की.'
 

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