प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भाषण दिया. यह प्रधानमंत्री की रूप में उनका 11वां भाषण था. इस भाषण में उन्होंने बांग्लादेश में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.पीएम मोदी ने कहा कि हम पड़ोसियों का सुख और शांति चाहते हैं.उन्होंने बांग्लादेश के हालात को चिंताजनक बताया. भारत की विदेश नीति में नेबरहुड फर्स्ट का विशेष स्थान है.इस तरह वह अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करता है. लेकिन बांग्लादेश के हालात उसे परेशान कर रहे हैं.
बांग्लादेश के निजाम को संकेत
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से बांग्लादेश के नए निजाम को संदेश दिया कि भारत उसका शुभचिंतक और उसे सुख और शांति के रास्ते पर चलना चाहिए.इसके साथ ही पीएम मोदी ने वहां शेख हसीना की सरकार के जाने के बाद हुई हिंसा में हिंदुओं को निशाना बनाने पर चिंता जताई.उन्होंने बांग्लादेश से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है वह चिंताजनक है.
-
एलन मस्क की उड़ने वाली गाड़ी नहीं, इस कार को पसंद करते हैं रेमंड चीफ गौतम सिंघानिया, खुद बताया कारण -
कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द -
'2022 के संकट में भारत हमारे साथ खड़ा रहा'- NDTV World Summit में बोले श्रीलंका के मंत्री चतुरंगा अबेसिंघे -
NDTV World Summit 2026: महंगे तेल का कारोबार पर कितना असर? गौतम सिंघानिया ने बताया -
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह -
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | भारतीय एविएशन को नई ताकत, GE Aerospace अगले 9–10 साल में देगा 3,200 इंजन -
NDTV World Summit 2026: जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा

पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की थाईलैंड में चार सितंबर को मुलाकात हो सकती है.
उन्होंने कहा,"बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है,उसको लेकर पड़ोसी देश होने के नाते हम चिंतित हैं. मैं इसको समझ सकता हूं.आशा करता हूं कि वहां पर हालात जल्द ही सामान्य होंगे.'' उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.'' उन्होंने कहा कि भारत हमेशा चाहता है कि हमारे पड़ोसी देश सुख और शांति के मार्ग पर चलें. शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है.आने वाले दिनों में बांग्लादेश की विकास यात्रा में हमेशा हमारा शुभचिंतन ही रहेगा.
बांग्लादेश को नसीहत
पांच अगस्त के बाद यह दूसरी बार है कि प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई है. इससे पहले पीएम मोदी ने अंतरिम सरकार का कार्यभार संभालने पर मोहम्मद युनूस को फोन कर बधाई दी थी. इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई थी. उन्होंने यूनुस से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी.

ढाका के एक मंदिर में हिंदू समाज के लोगों से मिलते बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की अगले महीने की चार तारीख को थाईलैंड में मुलाकात हो सकती है. उम्मीद है कि दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाएंगे और वहां दोनों मुलाकात कर सकते हैं.अगर दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात होती है तो बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली आधिकारिक बैठक होगी.
बांग्लादेश पर किस देश की है नजर
भारत बांग्लादेश में हो रही घटनाओं को लेकर चिंतित है. वहां जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय साजिश की बातें की जा रही हैं, उससे भारत चिंतित है. भारत की मुख्य चिंता बंगाल की खाड़ी में चीन की सक्रियता है. उसने म्यांमार और श्रीलंका में कई बंदरगाहों पर नियंत्रण हासिल किया है.वह अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पास गहरे समुद्र के एक बंदरगाह पर नजर गड़ाए बैठा है. यह भी भारत के लिए परेशानी का सबब है.चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से जूझ रहे भारत के लिए अशांत बांग्लादेश परेशानी का तीसरा फ्रंट हो सकता है.
PM मोदी के भाषण में बांग्लादेश का जिक्र. क्या है मैसेज? बता रहे हैं NDTV के एडिटर-इन-चीफ़ संजय पुगलिया@sanjaypugalia | @vikasbha | #IndependenceDay2024 pic.twitter.com/aF1BsGrDp1
— NDTV India (@ndtvindia) August 15, 2024
बांग्लादेश और 15 अगस्त
प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश की हिंसा का जिक्र 15 अगस्त को किया. इस तारीख का बांग्लादेश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है. 15 अगस्त 1975 को बांग्लादेश के संस्थापक मुजीब उर रहमान की सैन्य तख्तापलट में हत्या कर दी गई थी. हसीना उस जर्मनी में रह रही थीं.पिता की हत्या के बाद उन्होंने भारत में शरणी थी. इसके बाद वो 1981 में ढाका लौटी थीं. आज एक बार फिर वो दिल्ली में शरण लिए हुए हैं.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने धर्मनिरपेक्ष समान नागरिक संहिता पर जोर, किस राज्य में सबसे पहले लागू हुई थी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं