नई दिल्ली में अभी NDTV World Summit 2026 चल रहा है. इसमें टेक और AI एक्सपर्ट्स भी हिस्सा ले रहे हैं. समिट के दौरान वे अपनी बातों को खुलकर रख रहे हैं. इस कड़ी में Coursera शुरू करने वाले Andrew Ng ने AI At Scale Building: The Intelligence Economy सेशन में हिस्सा लिया. NDTV के AI और टेक एडिटर Aayush Ailawadi ने इस सेशन को होस्ट किया. इस बातचीत के दौरान Andrew Ng ने AI सेफ्टी को लेकर उठ रहे सवाल का भी जवाब दिया.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से भविष्य में नौकरियों के खत्म होने (job apocalypse) को लेकर दुनिया भर में फैले डर के बीच Andrew Ng ने राहत देने वाला बयान दिया है. एंड्रयू एनजी ने कहा कि एआई से नौकरियों के खत्म होने का जो डर (जिसे सामान्यतः 'AI Jobapocalypse' कहा जाता है) लोगों के मन में बैठाया जा रहा है, वैसा कुछ भी नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी नौकरी जाने की चिंता करने के बजाय एआई के इस दौर में नए हुनर और स्किल्स सीखने पर ध्यान फोकस करना चाहिए.
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रोजगार पर AI के पड़ने वाले प्रभाव और चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने ने साफ किया कि ये तकनीक अभी इतनी सक्षम नहीं हुई है कि वह इंसानों की अधिकांश नौकरियों को पूरी तरह खत्म कर सके. इसके विपरीत, उन्होंने तर्क दिया कि एआई कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाकर नए रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है, जिससे व्यवसायों को अपना विस्तार करने और अधिक लोगों को काम पर रखने में मदद मिलेगी.
भविष्य को लेकर चिंतित छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी उम्मीद
भविष्य के करियर को लेकर डरे हुए छात्रों और नौकरी जाने के डर से परेशान प्रोफेशनल्स को संबोधित करते हुए एंड्रयू एनजी ने कहा कि
पीआर और पब्लिसिटी के लिए फैलाया जा रहा है डर
उन्होंने कई बड़ी कंपनियों और संस्थानों पर निशाना साधते हुए कहा, "कई बिजनेस ने खुद को अधिक पावरफुल दिखाने या मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए एआई के कारण होने वाले रोजगार के नुकसान या 'एआई जॉब' को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है." उन्होंने बताया कि सामने आ रहे नए आंकड़े साफ दिखाते हैं कि एआई नौकरियों को खत्म करने के बजाय वास्तव में नए रोजगार पैदा कर रहा है.
एंड्रयू ने आगे कहा, "इसलिए यदि आप लगातार नए स्किल्स सीखते रहेंगे, तो नौकरियां हमेशा आपके लिए उपलब्ध रहेंगी. सच कहूं तो, मैं खुद चाहता हूँ कि एआई और बेहतर तरीके से काम करे, लेकिन यह अभी उतना अच्छा काम नहीं करता है और यह अधिकांश नौकरियों को पूरी तरह नष्ट करने के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है."
एंड्रयू एनजी ने उन दावों की भी हवा निकाल दी जिसमें कहा जा रहा था जनरेटिव AI और तेजी से एडवांस हो रहे AI एजेंट्स भविष्य में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को पूरी तरह बेकार बना देंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बदलते कार्यक्षेत्र के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता हर कर्मचारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चाबी साबित होगी. AI से डरने के बजाय इसे अपने काम को आसान बनाने और अपनी प्रोडक्टिविटी को दोगुना करने वाले एक असिस्टेंट टूल के रूप में अपनाना ही इस नए युग में सफलता का सबसे बड़ा और एकमात्र जरिया है.
आपको बता दें कि AI इंडस्ट्री में Andrew Ng काफी जाना-पहचाना नाम है. Coursera को शुरू करने से लेकर Google Brain बनाने में मदद करने और AI कंपनियां शुरू करने तक, Andrew Ng आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में सबसे आगे रहे हैं.
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