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कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द

रेमंड की टैगलाइन द कंप्लीट मैन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कोई भी कंप्लीट मैन नहीं होता. उनसे पूछा गया था कि आपकी कंप्लीट मैन की परिभाषा क्या है.

  • रेमंड के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने कंपनी बचाने में अपने परिवार का बड़ा हिस्सा खोने की बात कही
  • उन्होंने कहा कि रेमंड केवल उनकी कंपनी नहीं बल्कि पचास हजार परिवारों की आजीविका भी है
  • सिंघानिया ने कहा कि तेल कीमतों में वृद्धि से लागत बढ़ी है. कारोबार के लिए अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहते
नई दिल्ली:

देश की मशहूर फैशन कंपनी रेमंड के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि मैंने इस संस्थान को बचाने के लिए अपने परिवार का बड़ा हिस्सा खोया है. इसलिए यह सिर्फ मेरी ही कंपनी है बल्कि उन सभी 50 हजार परिवारों की है, जो हमारे साथ काम करते हैं. यही नहीं रेमंड की टैगलाइन द कंप्लीट मैन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कोई भी कंप्लीट मैन नहीं होता. उनसे पूछा गया था कि आपकी कंप्लीट मैन की परिभाषा क्या है. इस पर गौतम सिंघानिया ने कहा कि यह एक चाहत है, जिसे हर कोई पूरा करना चाहता है, लेकिन यह पूरी होती नहीं. 

गौतम सिंघानिया ने बाजार में उतार-चढ़ाव और दुनिया के हालातों का भारत पर असर पड़ने पर भी बात की. उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में इजाफे की चलते लागत में इजाफा हुआ है. टैरिफ वॉर से असर को लेकर कहा कि हमारी जैसी कंपनियां अमेरिका के भरोसे नहीं रहना चाहतीं. हम नहीं चाहते कि अमेरिका टैरिफ लगाए तो कारोबार ही रुक जाए. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे करेंगे तो हमेशा रिस्क रहेगा. ऐसी स्थिति में यूरोप हमारे लिए ज्यादा अच्छा बाजार है. भारत की सबसे बड़ी बढ़त यही है कि हम उपभोक्ता आधारित अर्थव्यवस्था हैं. भारत में ही बड़ी खपत है. 

फैशन इंडस्ट्री में ग्रोथ पर बोले- शादी तो सबको करनी है...

दिग्गज कारोबारी ने कहा कि भारतीय बाजार में मांग को लेकर कहा कि कुछ भी हो जाए शादी तो सबको करनी ही है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह सीजन काफी अच्छी रहता है. अब शादियों का दौर आने वाला है. अच्छी खरीद है, लोग बड़ी संख्या में होटल बुक कर रहे हैं. उन्होंने महंगे सूटों की खरीद करने से लोगों के बचने के सवाल पर कहा कि हमारे पास तो हर तरह के ग्राहक के  लिए उत्पाद उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि बाजार में अब मांग है और हम हर वर्ग के लिए काम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने निवेश को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि यदि आप प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहते हैं तो फिर थोड़ा कम पूंजी वाली चीज खरीदें. उन्होंने कहा कि यदि कोई चीज 2 लाख की है तो वह डेढ़ की हो सकती है, लेकिन 50 हजार की चीज 40 हजार में कभी नहीं आएगी. 

'दुनिया में फिलहाल 60 युद्ध चल रहे हैं, हम पर तो कोई असर नहीं'

उन्होंने शेयर बाजार में निवेश को लेकर सलाह की बात पर कहा कि मैं हर चीज की चिंता नहीं करता. मेरा बिजनेस ही मेरी फिक्र के लिए काफी है. उन्होंने कहा कि मैं अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग के अलावा अन्य संस्थानों में ज्यादा हिस्सा नहीं लेता.ईरान और अमेरिका के बीच जंग के 7 महीने बीत जाने और भारत पर असर को लेकर कहा कि यह चिंता की बात नहीं. उनका कहना था कि दुनिया में 60 जंग चल रही हैं, लेकिन हम पर क्या असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि कोरोना बहुत बड़ा संकट था, लेकिन हम उससे भी उबर कर निकले. इसकी वजह यह है कि हमारी घरेलू मांग ही काफी अधिक है और यही हमारी ताकत भी बन जाती है, जब कभी बाजार में मुसीबत वाली स्थिति आती है. 

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