- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है.
- पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि ईरान युद्ध की आंच भारतीय किसानों तक नहीं पहुंचेगी और उनकी मदद की जाएगी.
- उन्होंने कहा कि भारत संकट से निपटने के लिए शार्ट टर्म, मध्यम टर्म और लॉन्ग टर्म रणनीतियों पर काम कर रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर सोमवार को लोकसभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर चिंता जताई और कहा कि इस संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. युद्ध ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ईरान युद्ध की आंच देश के किसानों तक नहीं आएगी. साथ ही उन्होंने किसानों की हरसंभव मदद का भी आश्वासन दिया है. साथ ही बताया कि इस संकट से निपटने के लिए भारत की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि हम जानते हैं कि एनर्जी आज अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. वैश्विक एनर्जी की जरूतर को पूरा करने वाला पश्चिमी एशिया है. दुनिया भर की अर्थव्यवस्था इससे प्रभावित हो रही है, भारत पर इसका कम से कम दुष्प्रचार हो. इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं. केंद्र सरकार इस संकट से निपटने के लिए शार्ट-टर्म, मध्यम टर्म और लॉन्ग-टर्म रणनीति पर काम कर रही है.
किसानों ने अन्न के भंडार भर रखे हैं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि देश के किसानों ने अन्न के किसानों के भंडार भर रखे हैं. इसलिए हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न हैं. हमारा यह भी प्रयास है कि खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके. उन्होंने कहा कि सरकार ने बीते सालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था की है. अतीत में भी हमारी सरकार ने दुनिया के संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया था.
'अतीत में भी हमारी सरकार ने दुनिया के संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया...': लोकसभा में बोले पीएम मोदी#PMModi | #IranIsraelUSWar pic.twitter.com/7bRqt11ioP
— NDTV India (@ndtvindia) March 23, 2026
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किसानों को ऐसे संकट से बचाने के लिए उठाए कई कदम
देश के किसानों को इस तरह के संकटों से बचाने के लिए बीते सालों में अनेक कदम उठाए गए हैं. पिछले एक दशक में देश में 6 यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं, इससे सालाना 76 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की क्षमता जुड़ी है. साथ ही पीएम मोदी ने बताया कि 22 लाख से ज्यादा सोलर पंप दिए गए हैं. इससे भी डीजल पर निर्भरता कम हुई है. उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि सरकार किसानों की हर संभव मदद करती रहेगी.
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पीएम मोदी ने किसानों की मदद का दिया आश्वासन
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसानों को विश्वास दिलाया कि उनकी हरसंभव मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है, बिजली की डिमांड बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि सभी बिजलीघरों में पर्याप्त कोयला उपलब्ध है. ऊर्जा उत्पादन से लेकर सप्लाई की मॉनिटरिंग की जा रही है. नवीकरणीय ऊर्जा के लिए कई कदम उठाए गए हैं. ऊर्जा की आधी जरूरतें वहीं से आ रही हैं.
उन्होंने बताया कि कोरोना के समय भी ग्लोबल सप्लाई चेन डिस्टर्ब हो गई थी. उस वक्त दुनिया में यूरिया की बोरी तीन हजार की हो गई थी, लेकिन किसानों को तीन सौ में उपलब्ध कराई गई थी.
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