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हाईकोर्ट के जज, राज्यपाल.. पीएम मोदी ने कैबिनेट की मीटिंग में बचत के लिए क्या-क्या दिए उदाहरण, जानिए

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से बड़ी अपील की है. उन्होंने दुनिया में मौजूदा हालात को देखते हुए मंत्रियों से उदाहरण पेश करने की अपील की है.

हाईकोर्ट के जज, राज्यपाल.. पीएम मोदी ने कैबिनेट की मीटिंग में बचत के लिए क्या-क्या दिए उदाहरण, जानिए
पीएम नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों से की खास अपील
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल कैबिनेट की बैठक में अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों पर ताजा आर्थिक हालात पर विस्तार से चर्चा की. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने देशवासियों से की अपनी सात अपील का भी उल्लेख किया. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि काफिले का आकार छोटा करना और उसमें ईवी गाड़ियों को शामिल करने का अर्थ यह नहीं है कि नई ईवी गाड़ियां खरीदी जाएं. बल्कि मौजूदा ईवी गाड़ियों का ही प्रयोग किया जाना चाहिए.
 

गुजरात के राज्यपाल का दिया उदाहरण 

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जब जनप्रतिनिधि उदाहरण स्थापित करते हैं तो इससे जनता को वैसा ही करने में आसानी होती है. उन्होंने कैबिनेट की बैठक में दो उदाहरण भी दिए. उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का उल्लेख किया जिन्होंने यह फैसला किया है कि वे राज्य के भीतर ट्रेन, बस या अन्य सार्वजानिक वाहन से यात्रा करेंगे. वे हेलीकॉप्टर और विमानों का प्रयोग नहीं करेंगे.
 

हाईकोर्ट के जज का भी उल्लेख 

पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज जस्टिस द्वारकाधीश बंसल का भी कैबिनेट बैठक में उल्लेख किया. जस्टिस बंसल जबलपुर में अपने सरकारी आवास से लगभग 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे. उन्होंने प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित होकर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए यह पहल की थी. पीएम ने कहा कि ऐसे उदाहरण देश की जनता को प्रेरित करते हैं.
 

इन योजनाओं में सब्सिडी नहीं हो रही कम

इस बीच एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को सरकारी खर्चों में कटौती की तरह नहीं लेना चाहिए. पीएम मोदी ने ईंधन की बचत करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और अनावश्यक विदेशी मुद्रा खर्च को कम करने की अपील की है. अधिकारी के अनुसार अमूमन मितव्ययिता या ऑस्टेरिटी का अर्थ सरकारी बजट में कटौती, खर्चों में कमी, सब्सिडी घटाना और वित्तीय सख्ती होता है. लेकिन मोदी सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही है. सरकारी खर्च या पूंजीगत व्यय में कटौती नहीं हो रही. कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी में कमी नहीं की जा रही.
 

पीएम की अपील के मायने समझिए 

इस अधिकारी के अनुसार असल में प्रधानमंत्री की अपील कम खर्च करने की नहीं है. यह अपील है समझदारी से खर्च करने की. इसके तहत लोगों से ईंधन की खपत घटाने और आयातित वस्तुओं पर अनावश्यक निर्भरता को कम करने  लिए कहा जा रहा है. इस अपील का एक उद्देश्य विदेशी मुद्रा-प्रधान सेवाओं से बचना भी है जिसमें सोना न खरीदना और गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचना है.

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