- केसी वेणुगोपाल को केरल विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस विधायक दल की पहली पसंद के रूप में चुना गया है
- केसी वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें छह महीने के अंदर विधानसभा सदस्य बनना होगा और उपचुनाव होगा
- कांग्रेस संगठन में बदलाव हो सकता है, क्योंकि केसी वेणुगोपाल वर्तमान में संगठन महासचिव पद पर हैं
केरलम विधानसभा चुनाव नतीजों के 10 दिन बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री का नाम आज 12 बजे हो सकता है. सीएम पद के लिए वीडी सतीशन के मुकाबले केसी वेणुगोपाल का नाम तय माना जा रहा है. कांग्रेस नेता अजय माकन, मुकल वासनिक और दीपा दासमुंशी इसको लेकर पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कान्फ्रेंस में ऐलान कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, केसी वेणुगोपाल को विधायक दल की पहले हुई बैठक में पहली पसंद बनकर उभरे थे. माना जा रहा है कि अब विधायक दल की फिर बैठक होगी और वेणुगोपाल के नाम पर आखिरी मुहर लगेगी. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई UDF की बड़ी जीत के बाद से ही केरलम में मुख्यमंत्री को लेकर उठापटक चल रही थी. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल के अलावा रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था, हालांकि बाद में रेस सतीशन और वेणुगोपाल के बीच सिमट गई.
वेणुगोपाल बने तो विधायक का चुनाव लड़ना होगा
केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर केसी वेणुगोपाल का नाम तय होता है तो राज्य में किसी विधायक को अपनी सीट खाली करनी होगी. वेणुगोपाल अभी लोकसभा सांसद हैं और उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा. इसके साथ ही केरल में अलपुझा लोकसभा उपचुनाव कराने की नौबत भी आएगी.
संगठन में भी बदलाव होगा
केसी वेणुगोपाल अभी कांग्रेस में संगठन महासचिव की भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे में अगर उन्हें केरल का मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो कांग्रेस संगठन में भी बदलाव हो सकता है. संगठन महासचिव पद के लिए अजय माकन का नाम भी उभरकर आया है. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की बात करें तो केरल ही एकमात्र राज्य है, जहां कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है. तमिलनाडु में कांग्रेस ने द्रमुक का साथ छोड़कर थलपति विजय की पार्टी टीवीके से हाथ मिला लिया है. वहीं बंगाल, असम में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में संगठन स्तर पर कई और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
वीडी सतीशन से नाराजगी
केरल में सीएम पद को लेकर वीडी सतीशन समर्थकों ने जो विरोध प्रदर्शन किए हैं, बताया जाता है कि इसको लेकर राहुल गांधी समेत कांग्रेस आलाकमान नाराज है. हालांकि आखिरी फैसला विधायकों पर ही छोड़ा गया है, ताकि नया सीएम राज्य से ही तय हो. सतीशन के पक्ष में तर्क यह दिया जा रहा है कि सिर्फ विधायकों की पसंद को अंतिम नहीं माना जा सकता है. जनता की राय भी मायने रखती है.
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