विज्ञापन
6 minutes ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बताया कि मिडिल ईस्‍ट में हालत चिंताजनक है. देश के सामने चुनौतियां बेहद ज्‍यादा हैं. दुनियाभर के लोग युद्ध रोकने के लिए आग्रह कर रहे हैं. पीएम मोदी मिडिल ईस्‍ट में चल रहे संघर्ष और इस जंग पर भारत का क्‍या रुख है, वो स्‍पष्‍ट कर रहे हैं. ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध का आज 24वां दिन है. ये जंग कर रुकेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है. लेकिन इस जंग ने दुनियाभर के सामने ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. भारत में भी गैस की किल्‍लत महसूस की जा रही है. ऐसे में विपक्षी पार्टियां भारत की मौजूदा विदेश नीति और केंद्र सरकार पर कई सवाल उठा रही हैं. इन्‍हीं सवाल का जवाब प्रधानमंत्री मोदी संसद में दे रहे हैं. 

PM Modi Lok Sabha Address LIVE Updates...

PM Modi Lok Sabha Speech Live: खाड़ी देशों में 24 घंटें चल रहे हेल्‍प डेस्‍क स्‍थापित: पीएम मोदी

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "प्रभावित देशों में स्थित हमारे दूतावास लगातार भारतीयों की सहायता में लगे हुए हैं. चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या वहां गए पर्यटक, सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. हमारे दूतावास नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं. भारत और अन्य प्रभावित देशों में चौबीसों घंटे चलने वाले सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं. इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. संकट के समय में भारत और विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है..."

PM Modi Speech Live: युद्ध का असर लंबा चल सकता है, हमें कोरोना संकट की तरह तैयार... PM मोदी

पीएम मोदी ने लोकसभा में बताया कि ईरान-इजरायल जंग का असर लंबा चल सकता है. हमें कोरोना संकट की तरह तैयार रहना होगा. हालांकि, हम भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक उपाय भी तलाश रहे हैं. 

पीएम मोदी ने बताया-भविष्य में ना हो तेल संकट, इसके लिए क्या है भारत का प्लान

पीएम मोदी ने बताया, "भारत में भविष्य में तेल संकट न हो इसके लिए नए देशों से तेल खरीद रहे हैं, इथेनॉल वगैरह इसी में डाल दें, रेलवे का बिजलीकरण, ईवी, वैकल्पिक ऊर्जा पर काम से आगे भविष्य़ सुरक्षित होगा. 

  • आधी ऊर्जा अब नवीकरणनीय ऊर्जा से
  • 250 गीगावॉट बिजली नए सोर्स से आ रही है
  • 40 लाख रूफ टॉप सोलर पैनल लगे हैं
  • परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन
  • पांच साल में 1500 मेगावाट हाइड्रो पावर क्षमता 

मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की: PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "ये आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. जब से ये युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है. मैंने खुद पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है. सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है. दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं. ऐसे मुश्किल हालात में परिवारजनों को मदद दी जा रही है."

खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय: PM मोदी

पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत के युद्धग्रस्त और संघर्ष से प्रभावित देशों के साथ व्यापक व्यापारिक संबंध हैं. जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वह विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है, विशेष रूप से हमारी कच्चे तेल और गैस की जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए. यह क्षेत्र हमारे लिए एक और कारण से भी महत्वपूर्ण है. खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं. भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है. इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं. इसलिए, यह आवश्यक है कि संसद से इस संकट के संबंध में एक एकीकृत आवाज और आम सहमति विश्व तक पहुंचे."

PM मोदी लोकसभा में बोले- भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां

पीएम मोदी ने लोकसभा में बताया, "भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी है और मानवीय भी हैं. युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं. जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है.  विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है." 

मिडिल संकट के बाद हमने कई और विकल्‍प तलाशने पर भी जोर दिया: PM मोदी

भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. हम 41 देशों से ऊर्जा उत्‍पाद आयात करते हैं. मिडिल संकट के बाद हमने कई और विकल्‍प तलाशने पर भी जोर दिया है. लेकिन हॉर्मुज स्‍ट्रेट से सप्‍लाई चेन प्रभावित होने के कारण आयात पर प्रभाव पड़ा है. इसे दूर करने के लिए हम कदम उठा रहे हैं. 

यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा: PM मोदी

मिडिल ईस्‍ट संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है. पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सदन को स्थिति का विस्तृत विवरण दिया है. यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है. इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, और इसीलिए दुनिया इस संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है."

मिडिल ईस्‍ट में हालत चिंताजनक- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बताया कि मिडिल ईस्‍ट में हालत चिंताजनक है. देश के सामने चुनौतियां बेहद ज्‍यादा हैं. दुनियाभर के लोग युद्ध रोकने के लिए आग्रह कर रहे हैं. 

LPG Shortage : एलपीजी पर बनी हुई हैं उपलब्धता को लेकर कुछ चिंताएं

मिडिल ईस्‍ट पर निर्भरता कम करने के लिए, भारत ने अपने तेल और गैस आयात के स्रोतों में विविधता लाई है और अमेरिका, रूस व नाइजीरिया जैसे देशों से खरीद बढ़ाई है. अब भारत के लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात खाड़ी क्षेत्र के बाहर के स्रोतों से आते हैं. सरकार ने एलपीजी आपूर्ति प्रबंधन के प्रयास भी तेज किए हैं, जिसमें संभावित कमी को दूर करने के लिए अमेरिका से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की खरीद शामिल है. हालांकि, एलपीजी उपलब्धता को लेकर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं.  अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता स्तर पर आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आई है और ऑनलाइन बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. 

...तो देश को स्थिति के बारे में पता चलेगा : सांसद प्रियंका चतुर्वेदी

मिडिल ईस्‍ट में चल रहे संघर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी के संसद में बोलने पर, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "अगर प्रधानमंत्री देश की स्थिति और संभावित समस्याओं से निपटने के तरीकों के बारे में बोलते हैं, तो देश को स्थिति के बारे में पता चलेगा."

Iran Israel War: लोगों को पता चल जाएगा भारत का रुख

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर संसद में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के संबंध में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आज लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर अपना बयान देने जा रहे हैं. आज दोपहर 2 बजे लोगों को इस पर भारत का रुख पता चल जाएगा."

Iran Israel War: ईरान जंग का भारत पर क्‍या प्रभाव

रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा संघर्ष के संबंध में अब तक उठाए गए और योजनाबद्ध उपायों पर जानकारी दी थी. कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, लघु एवं मध्यम उद्यम, निर्यातक, जहाजरानी, ​​व्यापार, वित्त, सप्‍लाई चेन और सभी प्रभावित क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई थी.

Track Latest News Live on NDTV.com and get news updates from India and around the world

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com