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'पाकिस्तान ने फिर मंच का गलत फायदा उठाया': ASEAN में इशाक डार की टिप्पणियों पर भारत

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आसियान (ASEAN) फ्रेमवर्क के तहत विदेश मंत्रियों के स्तर की बैठकों में हिस्सा लिया. इनमें आसियान-भारत, ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान रीजनल फोरम (ARF) की बैठकें शामिल थीं.

'पाकिस्तान ने फिर मंच का गलत फायदा उठाया': ASEAN में इशाक डार की टिप्पणियों पर भारत
सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की गलत बयानी का भारत ने जवाब दिया है.
  • भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री की जम्मू-कश्मीर तथा सिंधु जल संधि पर टिप्पणियों को बेबुनियाद बताया
  • भारत ने कहा कि पाकिस्तान मल्टीलेटरल फोरम का गलत फायदा उठाकर अपने आतंकी समर्थन से ध्यान भटका रहा है
  • सिंधु जल संधि को पाकिस्तान की सीमा-पार आतंकवाद की समर्थन बंद करने तक स्थगित रखा गया है

भारत ने बृहस्पतिवार को मनीला में आसियान (ASEAN) के 33वें रीजनल फोरम की बैठक में पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार की ओर से जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि पर की गई टिप्पणियों को "बेबुनियाद और गैर-जरूरी" बताया. भारत ने कहा कि यह पाकिस्तान की ओर से अपने अंदरूनी संकट और ग्लोबल टेररिस्ट नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर अपनी साबित हो चुकी भूमिका से ध्यान भटकाने की एक और "बेकार कोशिश" थी.

भारत ने खारिज किया पाकिस्तान का बयान

भारत ने कहा कि पाकिस्तान एक बार फिर झूठ फैलाने और सरकार द्वारा प्रायोजित गलत जानकारी फैलाने के लिए एक मल्टीलेटरल फोरम का "गलत फायदा" उठा रहा है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने डार की टिप्पणियों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "भारत पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री की बेबुनियाद और गैर-जरूरी टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करता है. इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर झूठ फैलाने, सरकार द्वारा प्रायोजित गलत जानकारी फैलाने और सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के अपने अच्छी तरह से दर्ज रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने के लिए एक मल्टीलेटरल फोरम का गलत फायदा उठाया है."

भारत ने फिर स्पष्ट की अपनी बात

भारत ने यह भी साफ किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश "भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा रहे हैं, हैं और हमेशा रहेंगे" और पाकिस्तान को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "इसी तरह, सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा रहा है. पाकिस्तान द्वारा सीमा-पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने (जिसमें पहलगाम का कायराना हमला भी शामिल है) के जवाब में सिंधु जल संधि को फिलहाल रोक दिया गया है. सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और पक्के तौर पर सीमा-पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता."

गलत जानकारी फैलाने की निंदा की

भारत ने कहा कि भारत पर उंगली उठाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों का गलत इस्तेमाल करने के बजाय, पाकिस्तान अपनी जमीन पर मौजूद आतंकवाद के ढांचे को खत्म करके और अपने घर को ठीक करके अपना और अपने लोगों का ज्यादा भला कर सकता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान की ओर से सरकारी तौर पर गलत जानकारी फैलाने की लगातार कोशिशों की भी कड़ी निंदा करते हैं. अक्सर इसमें 'फितना-अल-हिंदुस्तान' जैसे धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है. यह पाकिस्तानी प्रशासन की एक बेकार कोशिश है, जिसका मकसद अपने अंदरूनी संकट और ग्लोबल टेररिस्ट नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगाह होने की अपनी साबित हो चुकी भूमिका से ध्यान भटकाना है."

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की लगातार बैठकें

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आसियान (ASEAN) फ्रेमवर्क के तहत विदेश मंत्रियों के स्तर की बैठकों में हिस्सा लिया. इनमें आसियान-भारत, ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान रीजनल फोरम (ARF) की बैठकें शामिल थीं, जो पिछले दो दिनों में मनीला में हुईं. हाल ही में, भारत ने कहा कि सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के आक्रामक रुख का भारत के उस फैसले पर कोई असर नहीं पड़ा, जिसके तहत पड़ोसी देश के सीमा-पार आतंकवाद का समर्थन बंद करने तक संधि को रोककर रखा गया है.

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