- बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके पीछे कई राजनीतिक कारण हैं
- राष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी, जिसकी खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी
- शेख हसीनाभारत से बांग्लादेश लौटने और राजनीतिक गतिविधियां फिर से संगठित करने की योजना बना रही हैं
बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं. बांग्लादेश के 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल मई में इलाज के लिए लंदन यात्रा के दौरान शहाबुद्दीन ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी. हसीना जुलाई 2024 से भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं. राष्ट्रपति 9 मई को लंदन गए थे और 18 मई को लौटे थे. सूत्रों का दावा है कि बाद में खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत के बारे में पता चला, जिसके बाद राष्ट्रपति को पद छोड़ने का सुझाव देने वाला संदेश भेजा गया.
क्या सिर्फ यही है कारण
सत्ताधारी दल BNP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बताई जा रही फोन पर बातचीत ही राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे का एकमात्र कारण नहीं है. उन्होंने इस मामले को अधिक जटिल बताया. नेता ने कहा कि हाल ही में शेख हसीना की दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना की घोषणा के बाद राजनीतिक स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है. 10 जुलाई को रॉयटर्स ने खबर दी कि शेख हसीना ने कहा कि वह और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता दिसंबर के आसपास भारत में अपने निर्वासन से लौटने और सरेंडर करने की योजना बना रहे हैं. सूत्रों ने यह भी बताया कि सुरक्षा अधिकारी देश के भीतर अवामी लीग के कुछ नेताओं द्वारा पार्टी को फिर से संगठित करने की कोशिशों पर नजर रख रहे हैं. BNP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि संभावित इस्तीफे से यह साफ संदेश जाएगा कि सरकार घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी, जिनसे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.
तारिक रहमान के सख्त तेवर
17 जुलाई को, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कैबिनेट की बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अवामी लीग, बांग्लादेश छात्र लीग, जुबो लीग और अन्य सहयोगी संगठनों के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूत करें. सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति कब इस्तीफा देंगे या उनकी जगह कौन लेगा, इस पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. शहाबुद्दीन ने 24 अप्रैल, 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी. जुलाई 2024 के बड़े जन-आंदोलन से पहले के समय से ही किसी शीर्ष संवैधानिक पद पर बने रहने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं.
12 दिसंबर 2025 को, अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान, शहाबुद्दीन ने कहा था कि फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव के बाद वे अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने उन्हें अपमानित महसूस कराया है. BNP के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता संभालने के बाद, शहाबुद्दीन ने इस साल 24 फरवरी को एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर सरकार चाहेगी तो वे पद पर बने रहेंगे, लेकिन अगर सरकार उनके जाने को प्राथमिकता देगी तो वे स्वेच्छा से इस्तीफा दे देंगे.
बांग्लादेश का संविधान क्या कहता है
संविधान के अनुसार, अगर राष्ट्रपति इस्तीफा देते हैं, तो नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगे. सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र ने 'द डेली स्टार' को बताया कि शहाबुद्दीन का पद छोड़ना एक स्वाभाविक घटनाक्रम होगा. सूत्र ने कहा, "यह स्वाभाविक ही है कि वे पद पर नहीं रहेंगे, चाहे आज हों या कल." जब पूछा गया कि यह मुद्दा अब क्यों उठा है, तो सूत्र ने बताया कि सरकार उन रिपोर्टों से नाराज थी, जिनमें कहा गया था कि राष्ट्रपति पुराने संपर्क फिर से बनाने की कोशिश कर रहे थे. सूत्र ने आगे कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर विद्रोह से पहले के दौर के व्यक्ति को बनाए रखना अब उचित नहीं समझा जा रहा था. बंगभवन के करीबी एक सूत्र ने कहा, "मुझे सुनने में आ रहा है कि एक-दो दिन में कोई फैसला लिया जा सकता है." बंगभवन के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति की 29 जुलाई को चार देशों के राजदूतों के साथ बैठक तय थी.
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