- नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान भड़काई गई हिंसा के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है
- आदित्य आनंद ने भड़काऊ वीडियो फैलाने के लिए X Storm नामक ग्रुप बनाया था, जिसमें 274 लोग शामिल थे
- आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया, जो पहले नोएडा और गुरुग्राम में रहता था
नोएडा में मजदूरों के आंदोलन की आड़ में भड़काई गई हिंसा के मामले में अब नया खुलासा हुआ है. इस हिंसा के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया कि भड़काऊ वीडियो फैलाने के लिए एक ग्रुप बनाया था, जिसका नाम 'X Storm' रखा गया था. इस ग्रुप में 274 लोग जुड़े थे.
आदित्य आनंद इस हिंसा का मास्टरमाइंड है. आदित्य को पुलिस ने तमिलनाडु से गिरफ्तार किया था. वह नोएडा में रहता था और उससे पहले गुरुग्राम में रहा करता था.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
इससे पहले जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि आंदोलन की आड़ में हिंसा भड़काने की साजिश रची गई थी, ताकि प्रशासनिक कामकाज को ठप किया जा सके. इसकी साजिश के लिए वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे. पुलिस पहले ही साफ कर चुकी है कि वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम पर ग्रुप बनाए गए थे. इन ग्रुप में फैक्ट्रियों में काम करने वालों को जोड़ा गया था और उन्हें उकसाया जा रहा था.
यह भी पढ़ेंः नोएडा हिंसा: आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की प्लानिंग, सामने आया खौफनाक साजिश का 'ब्लूप्रिंट'
आदित्य था इस हिंसा का मास्टरमाइंड
आदित्य आनंद ने लेबर स्टडी से एमए किया है. वह अभी पीएचडी कर रहा था. 2022 में कॉलेज प्लेसमेंट से उसकी नौकरी लग गई थी. वह एक लाख रुपये कमाता था. आरोप है कि इन्हीं पैसों को वह हिंसा के लिए भी खर्च कर रहा था.
जांच में सामने आया है कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही वह कुछ अल्ट्रा लेफ्टिस्ट ग्रुप से संपर्क में आया था.
आदित्य आनंद पहले गुरुग्राम में रहता था और फिर नोएडा आ गया. यहां उसने एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल के घर में तीन कमरों का फ्लैट किराये पर लिया था. इस घर को नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम हिंसा का सेंटर पॉइंट बनाया गया था. वह खुद को एक आईटी कंपनी जेनपैक्ट से जुड़ा बताता था.
यह भी पढ़ेंः नाम में Proud Indian और काम मजदूरों को भड़काना... नोएडा हिंसा के पाकिस्तान एंगल की कहानी
क्या था पूरा खौफनाक प्लान?
पुलिस ने नोएडा के अरुण विहार में छापेमारी की थी. यहां कई प्रिंटेड दस्तावेज मिले थे, जिनमें इस पूरी साजिश का ब्लू प्रिंट था.
इन दस्तावेजों में हर छोटी-छोटी बात का जिक्र है. मसलन, किस फेज में क्या करना है? कब और कहां लोगों को इकट्ठा करना है? किस तरह से प्रदर्शन को आगे बढ़ाना है? जिन कंपनियों में मजदूर काम करते हैं, उन्हीं के नाम पर हिंसा के वॉट्सऐप ग्रुप कब बनाना है? वॉट्सऐप ग्रुप का एडमिन कब बनना है और कब ग्रुप से लेफ्ट होना है?
इन दस्तावेजों में मानेसर से नोएडा तक प्रदर्शन की रणनीति लिखी हुई है. जांच में सामने आया है कि करावल नगर, मानेसर और नोएडा को जोड़ते हुए एक श्रृंखलाबद्ध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी. फरवरी में ही बड़े स्तर पर लेबर स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी. इसके पीछे मकसद सिर्फ मजदूरों के मुद्दे उठाना नहीं, बल्कि सड़कों को जाम कर प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करना था.
सामने आया है कि मजदूर आंदोलन की आड़ में हिंसा करने का प्लान था. मार्च के अंत से अप्रैल तक मानेसर में मजदूरों का प्रदर्शन हुआ. 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच बड़ी संख्या में लोग अरुण विहार में जुटे थे. अलग-अलग संगठनों के फ्रंट के जरिए भीड़ को इकट्ठा किया जा रहा था. बरामद दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरे आंदोलन को मई 2026 तक जारी रखने की योजना थी, ताकि धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जा सके और व्यापक असर डाला जा सके.
यह भी पढ़ेंः नोएडा हिंसा मामले में 'बाहरी' भीड़ का खुलासा, 66 आरोपियों में 45 मजदूर नहीं
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं