- नोएडा में मजदूरों की हिंसा पूरी तरह से पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसमें तीन मुख्य आरोपी पहचान लिए गए हैं.
- दो आरोपियों रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि तीसरा आरोपी आदित्य आनंद अभी फरार है.
- सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से संचालित दो एक्स अकाउंट से भड़काऊ और भ्रामक जानकारी फैलाने का पता चला है.
Noida violence: नोएडा में बीते सोमवार 13 अप्रैल को जो कुछ हुआ, उसके पीछे की साजिश अब धीरे-धीरे सामने आ रही है. मजदूरों की मांग और उनकी परेशानी के बीच सड़कों पर हुए ताडंव के पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आए है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में सोमवार को हुई मजदूरों की हिंसा से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ा दावा किया है. गुरुवार को गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने मजदूरों से जुड़ी हिंसा के मामले में एक बड़ी सफलता का दावा किया है. पुलिस का कहना है कि यह हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि यह एक पूरी तरह से प्लान की गई साजिश थी.
पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी, तीन आरोपी की पहचान, दो गिरफ्तार
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार को बताया कि अशांति फैलाने वाले तीन मुख्य साज़िशकर्ताओं की पहचान कर ली गई है. तीनों आरोपियों में से दो, रूपेश रॉय और मनीषा चौहान, को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी, आदित्य आनंद, अभी फरार है. जांचकर्ताओं के अनुसार, अशांति के दौरान ये तीनों ही नोएडा में मौजूद थे और कथित तौर पर इन्होंने मजदूरों को भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण दिए थे.

पाकिस्तान कनेक्शन भी आया सामने
जांच में सोशल मीडिया से जुड़ा एक संदिग्ध पहलू भी सामने आया है. पुलिस ने 'एक्स' के दो हैंडल, मीर इलायासी और आयुषी तिवारी, की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने के लिए किया गया था. शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि इन अकाउंट्स को कथित तौर पर VPN सेवाओं का इस्तेमाल करके पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था और ये लगभग तीन महीनों से एक्टिव थे.

नोएडा में मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के दिन सोमवार को एक्स पर पाकिस्तान से चल रहे इन दो एक्स अकाउंट से फर्जी जानकारी फैलाई गई.
नाम में प्राउंड इंडियन काम मजदूरों को भड़काना
सोशल मीडिया के जरिए नोएडा में आग लगाने वाले जिन एक्स अकाउंट के बारे में पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित होने का दावा पुलिस ने किया है, उसमें एक आयुषी तिवारी है. एक्स अकाउंट पर आयुषी तिवारी के नाम में प्राउंड इंडियन लिखा है. लेकिन यह हैंडलर उस दिन विरोध-प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला रहा था कि पुलिस की गोलीबारी में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 67 घायल है.
पाकिस्तान कनेक्शन की बात आने के बाद अब IB, ATS भी जांच में जुटी
सीमा पार से सामने आ रहे कनेक्शन को देखते हुए, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) सहित केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी इस जांच में हाथ बंटा लिया है. अब तक, पुलिस ने हिंसा के संबंध में 13 FIR दर्ज की हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया है. हिरासत में लिए गए लोगों में कथित साजिशकर्ता, आगजनी करने वाले और अन्य उपद्रवी शामिल हैं.
अधिकारी बोले- उस दिन की हिंसा में ज्यादातर बाहरी लोग शामिल थे
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में शामिल ज्यादातर लोग बाहरी थे, जिन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की. नोएडा में अब हालात सामान्य हो गए हैं, हालांकि सुरक्षा अभी भी कड़ी है. पुलिस ने सेक्टर-आधारित तैनाती योजना के तहत फ्लैग मार्च किए हैं और गश्त बढ़ा दी है. औद्योगिक इकाइयों में काम फिर से शुरू हो गया है और मज़दूर काम पर लौट आए हैं.

मजदूरों की मांग को समझने के लिए वेज बोर्ड के गठन का प्रस्ताव
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की है और भविष्य के विवादों को सुलझाने के लिए एक 'वेज बोर्ड' बनाने का प्रस्ताव रखा है. अधिकारियों ने बताया कि मजदूरों के साथ हुए समझौतों को लागू करने की कोशिशें जारी हैं, जिससे जमीनी स्तर पर लोगों का भरोसा फिर से कायम करने में मदद मिल रही है.
आरोपियों की धरपकड़ में जगह-जगह छापेमारी जारी
पुलिस ने दोहराया है कि हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस ने बताया कि 'सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम' के प्रावधानों के तहत भी मामले चलाए जाएंगे. फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं और आगे की जांच जारी है.
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