UP Bypoll Election Update: उत्तर प्रदेश की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की संभावनाओं पर अब पूरी तरह विराम लग गया है. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों सीटों पर अब उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे, क्योंकि राज्य विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय बचा है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अलग से उपचुनाव कराने की आवश्यकता नहीं है. अब इन सीटों के मतदाता सीधे आगामी विधानसभा चुनाव में अपने नए विधायक का चुनाव करेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन के दौरान कही.
तीनों सीटों पर उपचुनाव नहीं कराने का फैसला
भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में आयोजित अखिल भारतीय मीडिया सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर अब उपचुनाव नहीं होंगे. उन्होंने बताया कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में अब एक वर्ष से भी कम समय शेष है. ऐसे में चुनाव आयोग ने इन रिक्त सीटों पर अलग से उपचुनाव कराने की आवश्यकता नहीं समझी है. इसके साथ ही इन सीटों पर चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक अटकलों पर भी विराम लग गया है.

UP Bypoll Election: कार्यक्रम के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार
आगामी विधानसभा चुनाव में होगा मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि इन क्षेत्रों के मतदाताओं को अब अगले विधानसभा चुनाव का इंतजार करना होगा. घोसी, दुद्धी और फरीदपुर के मतदाता अब आम विधानसभा चुनाव के दौरान अपने प्रतिनिधि का चयन करेंगे. इससे चुनाव आयोग को भी अलग चुनावी प्रक्रिया आयोजित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
चुनावी प्रक्रिया कानून और संविधान के अनुसार
ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में हर चुनाव संविधान, चुनावी कानूनों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराया जाता है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का प्रत्येक अधिकारी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा हर व्यक्ति इस मूल सिद्धांत को समझे और उसका पालन करे. स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं.
मीडिया की भूमिका को बताया अहम
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सही और तथ्यात्मक जानकारी जनता तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
उनके अनुसार, विश्वसनीय रिपोर्टिंग लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करती है और मतदाताओं के बीच विश्वास बनाए रखती है.
देश में ऑनलाइन वोटिंग पर भी दिया संकेत
सम्मेलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल देश में ऑनलाइन वोटिंग लागू करने को लेकर चुनाव आयोग के पास कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी आधार पर सभी फैसले लिए जाते हैं.
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
उत्तर प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नहीं कराने के फैसले को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब राजनीतिक दलों का पूरा फोकस आगामी विधानसभा चुनाव पर रहेगा, जहां इन सीटों पर भी सीधे चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा.
चुनाव आयोग के इस फैसले से साफ संकेत मिला है कि आने वाले महीनों में तैयारी का केंद्र उपचुनाव नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश का अगला विधानसभा चुनाव होगा.
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