Bullet Train India: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद देश में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के 7नए रूट बनाए जाएंगे. दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी के साथ इन सात रूट पर देश के बड़े महानगरों के बीच 4000 किलोमीटर के इलाके में बुलेट ट्रेनें दौड़ेंगी. इस पर 16 लाख करोड़ का बड़ा बजट झोंकने की सरकार की तैयारी है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के सर्वे, डीपीआर और निर्माण की जिम्मेदारी नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के पास है. बुलेट ट्रेन के ये सात रूट बनने से देश के करीब 20 बड़े शहरों, महानगरों को हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलने वाली है. इनमें उत्तर प्रदेश के नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, बिहार में पटना के अलावा चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे जैसे बड़े शहर, आईटी हब, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल हब शामिल हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि दिल्ली और हैदराबाद बुलेट ट्रेन के बड़े हब बनेंगे.
1. दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन (Delhi–Varanasi Bullet Train)
यह उत्तर भारत के बड़े शहरों के बीच देश की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर होगा. सराय काले खां (दिल्ली),नोएडा (सेक्टर-96), जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (अंडरग्राउंड स्टेशन), मथुरा, आगरा, न्यू इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज,न्यू भदोही और वाराणसी स्टेशन प्रस्तावित हैं. हालांकि अभी डीपीआर तैयार नहीं हुई है. दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी से पटना तक का कनेक्टिविटी लिंक होगा. इससे दिल्ली से वाराणसी करीब 800 किमी का सफर 3 घंटे 50 मिनट का रह जाएगा। वहीं दिल्ली से पटना की 1000 किमी की दूरी भी सिर्फ 4 घंटे 40 मिनट में तय होगी.
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- 320 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
- 16 लाख करोड़ रुपये खर्च का अनुमान
- 2027 में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का एक हिस्सा खुलेगा
- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट 2029 तक पूरा होगा

2. वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी (Varanasi–Patna–Siliguri Corridor)
यह देश की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर होगा, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल को जोड़ेगा. वाराणसी (उत्तर प्रदेश), बक्सर (बिहार), पटना, बेगूसराय / खगड़िया, पूर्णिया, किशनगंज और सिलीगुड़ी (बंगाल) तक यह रूट प्रस्तावित है.भविष्य में इसे असम की राजधानी गुवाहाटी तक बढ़ाया जा सकता है. वाराणसी से बिहार की राजधानी पटना होते हुए ये कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा.वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन से सफर 5 घंटे 55 मिनट हो सकता है.
3. मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन
मुंबई से पुणे बुलेट ट्रेन (Mumbai–Pune Corridor) का सबसे छोटा रूट होगा. मुंबई (बीकेसी/ठाणे),नवी मुंबई (इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास), लोनावला, खालापुर और पुणे में स्टेशन हो सकते हैं. ये देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को आईटी, एजुकेशनल हब पुणे से सीधे जोड़ेगी. 200 किमी की मुंबई और पुणे के बीच की दूरी बुलेट ट्रेन से सिर्फ 48 मिनट में पूरी होगी.
हैदराबाद, तेलंगाना: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "...प्रस्तावित कॉरिडोर में पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु शामिल हैं, जिससे हैदराबाद एक बड़ा हाई-स्पीड रेल हब बन जाएगा। यात्रा के समय में काफी कमी आने की उम्मीद है: हैदराबाद से अमरावती में लगभग 70… pic.twitter.com/PEiGhFy0Gv
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 11, 2026
4. पुणे-हैदराबाद कॉरिडोर
पुणे-हैदराबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर (Pune-Hyderabad Corridor) दो बड़े राज्यों महाराष्ट्र और तेलंगाना के आईटी हब को जोड़ने वाला बिजनेस कॉरिडोर बनेगा. पुणे,दौंड, अकलूज, तीर्थस्थल पंढरपुर, सोलापुर, कलबुर्गी-गुलबर्गा (कर्नाटक), जहीराबाद (तेलंगाना) और हैदराबाद (सिकंदराबाद) में स्टेशन हो सकते हैं.पुणे से सोलापुर से होते हुए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद तक बुलेट ट्रेन जाएगी. 600 किमी लंबे इस रूट पर बुलेट ट्रेन करीब 2 घंटे में पहुंच जाएगी.
5. बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर
बेंगलुरु-चेन्नई हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगा. दोनों महानगरों के बीच 358 किमी की दूरी सिर्फ 1 घंटा 13 मिनट में तय होगी. यह भी सरकार के प्राथमिकता वाले सात हाईस्पीड कॉरिडोर में से एक है.चेन्नई सेंट्रल, पूनमल्ली, अरक्कोनम, चित्तूर (आंध्र प्रदेश), बांगरपेट, बेंगलुरु का आईटी हब व्हाइटफील्ड और बायप्पनहल्ली में बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाए जा सकते हैं.
6. बेंगलुरु-हैदराबाद कॉरिडोर
बेंगलुरु-हैदराबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर (Bengaluru–Hyderabad High Speed Rail Corridor) दक्षिण भारत के सिलिकॉन वैली समझे जाने वाले शहरों के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा.आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों को छूते हुए बेंगलुरु और हैदराबाद को सीधा कनेक्ट करेगा. इसमें बेंगलुरु का केंपेगौडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, तुमकुरु, सिरा, चित्रदुर्ग,बेल्लारी, अदोनी, रायचूर, महबूबनगर, शादनगर, हैदराबाद एयरपोर्ट शमशाबाद में स्टेशन बनाए जा सकते हैं. बेंगलुरु हैदराबाद बुलेट ट्रेन से 716 किमी का सफर महज 2 घंटे 35 मिनट में पूरा होगा.
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7. चेन्नई-हैदराबाद कॉरिडोर
चेन्नई-हैदराबाद कॉरिडोर (Chennai–Hyderabad High Speed Rail Corridor) दो राजधानियों को जोड़ेगा. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से आंध्र प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों के रास्ते तेलंगाना के हैदराबाद तक ये रूट जाएगा. हैदराबाद, हैदराबाद एयरपोर्ट (शमशाबाद),नलगोंडा, सूर्यापेट, खम्मम, विजयवाड़ा-अमरावती, गुंटूर, ओंगोल, नेल्लोर, तिरुपति, तिरुवल्लूर और चेन्नई में स्टेशन होंगे. चेन्नई से हैदराबाद की लंबी दूरी बुलेट ट्रेन सिर्फ 2 घंटे 55 मिनट में तय होगी.
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लोहिया वर्ल्डस्पेस के प्रबंध निदेशक पीयूष लोहिया का कहना है कि मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक नमो भारत कॉरिडोर के प्रस्तावित विस्तार में उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक बनने की क्षमता है. अनुभव बताता है कि जब शहरों के बीच तेज और बेहतर परिवहन सुविधा विकसित होती है,तो इससे निवेश का भरोसा बढ़ता है. योजनाबद्ध शहरी विकास को गति मिलती है और नए आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों का विकास होता है. यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा. इससे पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी. जैसे-जैसे इस परियोजना की डीपीआर आगे बढ़ेगी और इसका क्रियान्वयन तेज होगा. हमें विश्वास है कि यह क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करेगी और बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में टिकाऊ रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देगी. इस स्तर की आधारभूत संरचना परियोजनाएँ क्षेत्रीय आर्थिक विकास के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
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