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Success Story: 10 दिन में बदली किसान की किस्मत! 2 बेटों को मिली सरकारी नौकरी, एक वायुसेना में, दूसरा टीचर

राजस्थान के अजमेर में किसान गुमान गुर्जर के दो बेटों ने 10 दिन के भीतर सरकारी नौकरी पाकर इतिहास रच दिया. छोटा बेटा एयरफोर्स और बड़ा बेटा शिक्षक बना. पढ़ें पूरी खबर.

Success Story: 10 दिन में बदली किसान की किस्मत! 2 बेटों को मिली सरकारी नौकरी, एक वायुसेना में, दूसरा टीचर
Success Story: किसान के दो बेटों को एक साथ मिली सरकारी नौकरी, छोटा इंडियन एयरफोर्स में चयनित तो बड़ा बना शिक्षक
गुमान गुर्जर
  • अजमेर जिले के गुमान गुर्जर के दो बेटों ने दस दिनों के अंतराल में सरकारी नौकरी हासिल की है.
  • धर्मराज ने शिक्षक परीक्षा में सफलता पाई और छोटे बेटे अर्जुन का चयन भारतीय वायुसेना के ग्रुप एक्स में हुआ
  • अर्जुन अपने गांव से भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले पहले व्यक्ति हैं

Success Story: राजस्‍थान के अजमेर जिले के किसान गुमान गुर्जर के दो बेटों ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जो उनके परिवार की पिछली सात पीढ़ियों में कभी नहीं हुआ. इस पर‍िवार की क‍िस्‍मत महज 10 द‍िन के अंतराल में तब बदल गई जब दोनों बेटों ने सरकारी नौकरी हासिल कर ली है. गुर्जर परिवार में दो बेटों की इस एक साथ मिली सफलता की चर्चा आज पूरे अजमेर जिले में हो रही है.

अर्जुन गुर्जर का चयन भारतीय वायुसेना में

NDTV से बातचीत में गुमान गुर्जर ने बताया कि उनके बड़े बेटे धर्मराज गुर्जर ने राजस्थान थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की है, जबकि छोटे बेटे अर्जुन गुर्जर का चयन भारतीय वायुसेना (IAF) के ग्रुप 'एक्स' में हुआ है. अर्जुन अब भारतीय वायुसेना में बतौर एयरमैन अपनी सेवाएं देंगे. इस परिवार में इन दोनों भाइयों के अलावा कोई भी अन्य सदस्य सरकारी सेवा में नहीं है. अर्जुन के बारे में दावा किया जा रहा है कि वह अपने गांव से भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले पहले व्यक्ति हैं. 

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11 जून को धर्मराज ने सरकारी शिक्षक बनकर परिवार की खुशियों में चार चांद लगा दिए.                                        Photo Credit: गुमान गुर्जर

गुमान गुर्जर कहते हैं, "मेरी जिंदगी में जून 2026 का महीना हमेशा यादगार रहेगा, क्योंकि दोनों बेटों को महज 10 दिन के अंतराल में सरकारी नौकरी मिली है. 1 जून को अर्जुन का भारतीय वायुसेना में चयन हुआ और 11 जून को धर्मराज ने सरकारी शिक्षक बनकर परिवार की खुशियों में चार चांद लगा दिए."

सदापुर गांव में जश्न का माहौल

यह गुर्जर परिवार राजस्थान के अजमेर जिले के मनोहरपुरा इलाके के सदापुर गांव का रहने वाला है. जब अर्जुन का चयन इंडियन एयरफोर्स में हुआ, तो गांव में एक सादा स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ पूरा गांव शामिल हुआ. गांव वाले अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं. 

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अर्जुन गुर्जर ने NDA की लिखित परीक्षा भी पास कर ली है.                                                                                          Photo Credit: गुमान गुर्जर

NDA परीक्षा भी पास, अब अफसर बनने की तैयारी

गुमान गुर्जर ने बताया कि उनका छोटा बेटा अर्जुन जल्द ही एक और खुशखबरी दे सकता है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप 'एक्स' में चयन के साथ-साथ उसने NDA (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) की लिखित परीक्षा भी पास कर ली है. 20 जुलाई को उसका साक्षात्कार (SSB Interview) होना है. 

यदि सब कुछ ठीक रहा, तो वह सेना में अधिकारी (अफसर) बन जाएगा. पिता का कहना है कि जब अर्जुन अपनी ट्रेनिंग पूरी करके पहली बार वर्दी पहनकर गांव लौटेगा, तब उसके सम्मान में एक बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. 

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success story ajmer farmer sons government job airforce teacher Photo Credit: गुमान गुर्जर

पहली ही कोशिश में मारी बाजी

अर्जुन गुर्जर ने नागौर के पास कुचामन सिटी के स्कूल से 11वीं तक पढ़ाई की और 12वीं में उसने प्रिंस डिफेंस अकादमी, सीकर में दाखिला लिया. वहीं से तैयारी करते हुए उसका पहले ही प्रयास में चयन हो गया. दूसरी ओर, बड़े भाई धर्मराज ने भी शिक्षक भर्ती परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की. वर्तमान में अर्जुन की उम्र 18 वर्ष और धर्मराज की उम्र 23 वर्ष है. दोनों भाइयों ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर बेहद कम उम्र में यह कामयाबी हासिल की है.  

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success story ajmer farmer sons government job airforce teacher                                                 Photo Credit: गुमान गुर्जर

संयुक्त परिवार की मिसाल

आज के दौर में जहां अक्सर परिवारों में कलह देखने को मिलती है, वहीं गुर्जर परिवार एकता की एक मिसाल पेश करता है. गुमान गुर्जर के पिता तीन भाई हैं और तीनों भाइयों का परिवार आज भी एक साथ रहता है. पूरा परिवार मिलकर लगभग 200 बीघा जमीन पर खेती करता है.

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