- नितिन नवीन ने नई टीम में 8 महामंत्री, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 16 राष्ट्रीय सचिव बनाए हैं
- टीम में अनुभव, युवा जोश, जातीय क्षेत्रीय समीकरण और संघ के वफादारों को संतुलित रूप से शामिल किया गया है
- हरीश द्विवेदी महामंत्री और स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय टीम में शामिल कर क्षेत्रीय मजबूती पर ध्यान दिया गया है
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी टीम घोषित कर दी है. उन्होंने 8 महामंत्री घोषित किए हैं तो वहीं 13 लोगों को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 16 नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है. इसके अलावा आईटी सेल को भी नया प्रमुख मिला है. नितिन नवीन की इस टीम में अनुभव, युवा जोश, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधे गए हैं तो वहीं आरएसएस की विचारधारा के वफादार लोगों को भी मौका दिया गया है. कई पेशेवर लोग भी इस टीम का हिस्सा हैं. इसके अलावा सांगठनिक कौशल वाले लोगों को भी प्रमुखता दी गई है, इनमें विनोद तावड़े का नाम प्रमुख है. इसके अलावा यूपी और बंगाल जैसे राज्यों के प्रभारी रहे सुनील बंसल भी महामंत्री के तौर पर टीम में रहेंगे. वह दोबारा महामंत्री बने हैं.
इसके अलावा उत्तर प्रदेश से हरीश द्विवेदी को महामंत्री बनाया गया है. वह यूपी में युवा मोर्चा के उस वक्त में अध्यक्ष रहे थे, जब नितिन नवीन राष्ट्रीय महामंत्री हुआ करते थे. तब अनुराग ठाकुर युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय टीम में एंट्री देकर यूपी में ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश माना जा रहा है. इसी तरह यूपी से ही स्मृति ईरानी को भी मौका मिला है. वह अमेठी से लोकसभा चुनाव हार गई थीं और तब से ही वह साइडलाइन जैसी थीं. अब उनकी वापसी हुई है तो साफ है कि यूपी में माहौल बनाने की कोशिश होगी. खासतौर पर अमेठी और रायबरेली जैसे अवध के इलाकों में उनके दौरे बढ़ सकते हैं. इसका फायदा भाजपा चुनाव में भी लेना चाहेगी.
अब बात करें वफादारों की तो संघ के प्रचारक रहे लेखक और चिंतक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है. अनुभवी चेहरों के तौर पर तीन पूर्व मुख्यमंत्री टीम में आए हैं. इनमें दिग्गज नेता वसुंधरा राजे सिंधिया हैं. वह पहले भी उपाध्यक्ष रही थीं. उनके अलावा उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब को भी एंट्री मिली है. नितिन नवीन की इस टीम में कई ऐसे लोगों को भी एंट्री मिली है, जो बहुत चर्चित नहीं रहे हैं, लेकिन लोप्रोफाइल रहते हुए संगठन का काम किया है.
समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों को चांस देने की कोशिश
1. चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी बने राष्ट्रीय महासचिव
2. करीब 40+% सदस्य वंचित समाज से है
3. नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी
4. त्रिपुरा से पूर्व मुख्यमंत्री एवं युवा नेता बिप्लव देव बने राष्ट्रीय महामंत्री
5. आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के व्यंकटेशन बने राष्ट्रीय सचिव
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संगठन और प्रोफेशनल्स को भी मिली तवज्जो
1. जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ता रहे और वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. स्वदेश सिंह बने राष्ट्रीय सचिव
2. कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ मधुचंद्रा कर बनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
3. कर्नाटक के प्रोफेसर M नागराज बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
4. नई टीम में निरंतरता के साथ परिवर्तन का संतुलन
5. 40 से कम उम्र के 6 सदस्य, 40 से 49 की उम्र के 15 सदस्य और 50 से 59 के 21 सदस्य को राष्ट्रीय टीम में स्थान
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