पाकिस्तान टीम के इंग्लैंड में बुरे हाल हैं. मैदान के बाहर पीसीबी दिग्गजों के निशाने पर है. और अब तीसरे टेस्ट में मानो कोढ़ में खाज का काम किया है पाकिस्तान के सैम अयूब ने जिस पर इंग्लिश पूर्व कप्तान नासिर हुसैन बुरी तरह बरसे. नासिर हुसैन ने टी20 क्रिकेट (कैरिबियन प्रीमियर लीग, CPL) से सीधे बुलाकर बिना किसी प्रथम श्रेणी (फर्स्ट-क्लास) तैयारी के सैम अयूब को टेस्ट मैच में खिलाने के फैसले पर पाकिस्तान चयन समिति की जमकर आलोचना की है. नासिर हुसैन ने अयूब के मामले की तुलना इंग्लैंड के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग के इसी तरह के असफल प्रदर्शन से की.
एजबस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में वापसी करते हुए सैम अयूब दो बार शून्य पर आउट हो गए. दूसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टीम में इस युवा सलामी बल्लेबाज को शामिल किया गया था, लेकिन यह फैसला पूरी तरह से उल्टा पड़ गया. वह दो पारियों में खेली गई 11 गेंदों पर अपना खाता भी नहीं खोल सके. दोनों बार इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रोबिंसन ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखाया. कैरिबियन प्रीमियर लीग से सीधे आने के कारण अयूब की तैयारी की कमी पूरी तरह उजागर हो गई. स्काई स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान नासिर हुसैन ने कहा कि अयूब को इस पाकिस्तानी टीम का हिस्सा ही नहीं होना चाहिए था.
'उन्हें यहां नहीं होना चाहिए था'
नासिर बोले, 'सच तो यह है कि उन्हें यहाँ होना ही नहीं चाहिए था. वे CPL खेलकर आ रहे हैं और उन्होंने पिछले कुछ समय से प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला है. मुझे नहीं समझ आता कि कौन यह सोचता है कि विदेशी परिस्थितियों से और बिल्कुल अलग प्रारूप खेलकर किसी खिलाड़ी को टेस्ट के लिए बुला लिया जाएगा. कौन यह उम्मीद पाल लेता है कि वह इन परिस्थितियों में ड्यूक्स बॉल, ओली रोबिंसन और इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण के सामने अच्छा प्रदर्शन कर लेगा.' उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) जिस तरह से काम कर रहा है, उससे पता चलता है कि जवाबदेह लोग टेस्ट क्रिकेट को वह सम्मान नहीं दे रहे हैं जिसका वह हकदार है.
वीरेंद्र सहवाग का उदाहरण
नासिर हुसैन ने यह भी याद दिलाया कि जब भारत ने एक बार ऐसा ही किया था और बिना पर्याप्त अभ्यास के वीरेंद्र सहवाग को इंग्लैंड की परिस्थितियों में खिलाया था. तब क्या नतीजा हुआ था। परिणाम यह रहा कि सहवाग भी दो पारियों में शून्य पर आउट (पेयर) हो गए थे. उन्होंने कहा, 'अगर आपको याद हो, तो वीरेंद्र सहवाग ने भी इस मैदान पर ऐसा ही प्रयास किया था. वे उन्हें सीधे उड़ाकर ले आए थे. वीरेंद्र सहवाग दोनों पारियों में शून्य पर आउट हो गए थे. और वह वीरेंद्र सहवाग थे, जो सैम अयूब से कहीं बेहतर और अधिक अनुभवी खिलाड़ी हैं.' पूर्व कप्तान ने कमेंट्री के दौरान कहा, 'इसलिए जिस तरह का शॉट अयूब ने खेला, उसके लिए थोड़ी जिम्मेदारी उस खिलाड़ी की भी बनती है. लेकिन साथ ही उस व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है जिसने यह सोचा कि यह एक बहुत ही शानदार फैसला है और वह इस हफ्ते मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने वाला है.'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं