विज्ञापन

रेलकर्मियों के लिए बनेंगी 5 मंजिला बिल्डिंग, मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी, ये है रेलवे का प्‍लान

Indian Railways Employees को 2BHK और 3BHK फ्लैट मिलेंगे. जर्जर मकानों की जगह मल्‍टीस्‍टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी. और पता है, इन आवासों में क्‍या-क्‍या सुविधाएं दी जाएंगी.

रेलकर्मियों के लिए बनेंगी 5 मंजिला बिल्डिंग, मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी, ये है रेलवे का प्‍लान
Good News for Railways Employees: रेलकर्मियों को मिलेगी जर्जर आवासों से मुक्ति
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

रेलवे में काम करनेवाले लाखों कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है. खासकर उन रेलकर्मियों के लिए, जो रेलवे के बेहद पुराने मकानों में रह रहे हैं. जिन रेलवे कॉलोनी में मकान 50 साल पुराने हो गए हैं या असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं, उन कॉलोनी का कायाकल्‍प होने वाला है.

दरअसल, रेलवे बोर्ड की योजना, 50 साल से ज्‍यादा पुराने और असुरक्षित रेलवे क्‍वार्टर्स को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारतें तैयार करने की है. जमीन का बेहतर इस्‍तेमाल करते हुए G-4 यानी 4 मंजिली या उससे ज्‍यादा ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी और इन भवनों में रेलकर्मियों को रहने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे. 

दरअसल, इस संबंध में रेलवे बोर्ड का निर्देश पत्र फिर से चर्चा में है, जिसमें पुराने जर्जर मकानों को चरणबद्ध तरीके से ध्‍वस्‍त करने और उनकी जगह बहुमंजिला बिल्डिंग बनवाने के संबंध में सभी जोनल रेलवे, मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स और केंद्रीय संगठनों को निर्देश दिए गए थे.

रेलवे बोर्ड के सूत्र ने NDTV को बताया कि पूर्व में ही सभी जोन को ऐसा एक पत्र जारी किया गया था. इस पत्र में असुरक्षित रेलवे कॉलोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वर्क-प्‍लान भेजने को कहा गया है. कुछ जगहों पर काम प्रगति में होने की भी खबरें हैं. 

बड़े फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी

रेलवे बोर्ड का प्‍लान जमीन पर उतारा गया तो रेलकर्मियों को पुराने ढर्रे वाली कॉलोनी के जर्जर मकानों में नहीं, बल्कि 4-5 या ज्‍यादा मंजिल वाली बिल्डिंग में बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे. जिन रेलकर्मियों को ऊंची बिल्डिंग में फ्लैट मिलेंगे, उन्‍हें बिल्डिंग में लिफ्ट की भी सुविधा मिलेगी.

Latest and Breaking News on NDTV

संभव हो तो बिजली के लिए छतों पर सोलर एनर्जी प्‍लांट भी इंस्‍टॉल किए जाएंगे, ताकि पावर-कट होने पर भी बिजली मिलती रहे. यही नहीं, फ्लैट में आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्‍यवस्‍था देने का भी प्‍लान है. 

  1. ऊंची बिल्डिंग्‍स बनने पर टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ जाएगा. 
  2. कम जगह होने के बावजूद ज्‍यादा से ज्‍यादा रेलकर्मियों को सुरक्षित आवास मुहैया कराया जा सकेगा. 
  3. रेलकर्मियों को 2BHK और 3BHK वाले आवास के स्‍टैंडर्ड  के मुताबिक डेवलप किया जाएगा. 
  4. कर्मचारियों को पुराने और छोटे कमरों की बजाय पहले से ज्‍यादा जगह वाले आधुनिक आवास मिलेंगे. 
  5. कोई बिल्डिंग अगर तीन से ज्‍यादा मंजिल वाली हुई तो उनमें लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी ही रहेगी.  
  6. छत पर सोलर एनर्जी सिस्‍टम, मॉड्युलर किचन फिटिंग और बिल्डिंग के नीचे अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. 

रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन रेलकर्मियों के लिए आवासीय बिल्डिंग के पुनर्निर्माण प्रोजेक्‍ट के लिए पैसे वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी. बताया ये भी जा रहा है कि जहां भी संभावना बनेगी, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत योजना से भी जोड़ा जा सकेगा. 

ये भी पढ़ें: 8वें वेतन आयोग में 30% ही बढ़ेगी सैलरी और पेंशन? नए फॉर्मूले से कर्मचारी-पेंशनर्स की बढ़ी टेंशन

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Indian Railways Employees News, Indian Railways Employee Life, RAilways Employees
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com