NEET Paper Leak: सीबीआई ने पुणे से एक और आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे को हिरासत में लिया है, जो शहर के एक नामांकित बाल रोग विशेषज्ञ Pediatrician हैं. मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. मनोज शिरूरे मूल रूप से लातूर का रहने वाला है और उसे पूछताछ के लिए पुणे स्थित सीबीआई कार्यालय में बुलाया गया था. लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई ने उसे हिरासत में लिया. डॉ. शिरूरे पर आरोप है कि उसने अपने खुद के बेटे के लिए NEET का पेपर खरीदा था.
'मोटेगावकर कनेक्शन' पर CBI की पैनी नजर!
डॉ. मनोज शिरूरे पर कार्रवाई के बाद अब इस मामले में 'मोटेगावकर कनेक्शन' की भी गहन जांच की जा रही है. आरोप है कि डॉ. शिरूरे ने मुख्य संदिग्ध गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगावकर के जरिए ही अपने बेटे के लिए पेपर का सौदा किया था. सीबीआई अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि इस रैकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कितने बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है.
इधर, NEET पेपर लीक मामले में CBI और प्रवर्तन निदेशालय ED ने अब आरोपियों के खिलाफ चौतरफा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. वहीं आरोपियों को अब आर्थिक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा.
आरोपियों की संपत्ति की जांच शुरू, ED की एंट्री
महाराष्ट्र से गिरफ्तार सभी आरोपियों की बेनामी और अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया गया है. इसके लिए सीबीआई के अधिकारी पिछले दो दिनों से लगातार 'पंजीकरण एवं मुद्रांक शुल्क विभाग' Registration and Stamp Duty Department के कार्यालय का दौरा कर रहे हैं. जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि आरोपियों के नाम पर कहां-कहां और कितनी अचल संपत्तियां दर्ज हैं. इस मामले में ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से आरोपियों की संपत्तियों की समानांतर जांच कर रही है.
(पुणे से अजिंक्य पाटिल की रिपोर्ट)
ये भी पढ़ें: NEET Paper Leak: कमजोर लेकिन अमीर छात्रों पर थी आरोपी शुभम खैरनार की नजर, करोड़ों की डील का शक!
ये भी पढ़ें: NEET पेपर लीक: कोचिंग संचालक के बेटे से 10 घंटे तक सवाल-जवाब, संदिग्ध छात्रों और अभिभावकों से भी CBI ने की पूछताछ
ये भी पढ़ें: विदेश में बैठे गैंगस्टरों पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 बड़े अपराधियों के पासपोर्ट रद्द कराने की तैयारी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं