केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी से जुड़े एक मामले में उस कथित सरकारी अधिकारी की पहचान कर ली है, जिसने गिरफ्तार दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर और मामले के आरोपी एन. राजा से मुलाकात की थी. जांच एजेंसी के मुताबिक यह अधिकारी एक वरिष्ठ IPS अधिकारी हो सकता है, जो फिलहाल दिल्ली में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) में रीजनल डायरेक्टर के पद पर तैनात है.
कोर्ट ने CBI को सौंपी आरोपी की कस्टडी
मामले में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर को कोर्ट ने CBI को एक दिन की कस्टडी में सौंप दिया है. सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि जांच में सामने आए ऑब्जर्वेशन-कम-रिकवरी मेमो के आधार पर उस सरकारी अधिकारी की पहचान कर ली गई है, जिसने दोनों आरोपियों और एन. राजा से मुलाकात की थी.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी की ओर से पेश दस्तावेजों में सरकारी अधिकारी की भूमिका, पैसों के कथित लेन-देन के रास्ते और दोनों आरोपियों की भूमिका का विवरण दिया गया है. CBI का दावा है कि मामले में पैसों के ट्रेल को भी चिन्हित किया गया है और जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है.

कोर्ट ने CBI को सौंपी अधिकारी की कस्टडी
डिजिटल सबूतों की जांच कर रही CBI
जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल फोन आदि बरामद किए हैं. CBI का कहना है कि इन उपकरणों में मौजूद डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों से कथित नेटवर्क और लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं.
फिलहाल CBI गिरफ्तार इंस्पेक्टर से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वत का पैसा कहां-कहां गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और DGCA में तैनात बताए जा रहे अधिकारी की भूमिका क्या थी. हालांकि, जिस IPS अधिकारी का नाम जांच में सामने आया है, उसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और CBI की जांच जारी है.
यह भी पढ़ें: 1 करोड़ की घूस, 3 करोड़ की डील... धरा गया दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर, 5 हजार करोड़ के दवा घोटाले में एक्शन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं