- नागांव लोकसभा सीट के उपचुनाव 2026 में भाजपा के देवाशीष शर्मा और कांग्रेस की शिवमोनी बोरा मुख्य उम्मीदवार हैं
- देवाशीष शर्मा ने तीन सितंबर 2026 को आईएएस से वीआरएस लेकर आठ सितंबर को भाजपा जॉइन की थी
- शिवमोनी बोरा पूर्व विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री परिवार की बहू हैं, जिन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया है
असम की नागांव लोकसभा सीट उपचुनाव 2026 पर मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है. एक तरफ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले देवाशीष शर्मा हैं, तो दूसरी ओर पूर्व सीएम परिवार की बहू और पूर्व विधायक शिवमोनी बोरा. वहीं, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से अब्दुल सलाम और पूर्व सांसद AIUDF चीफ बदरुद्दीन अजमल भी मैदान में हैं.
देवाशीष शर्मा, भाजपा उम्मीदवार
नागांव उपचुनाव 2026 में देवाशीष शर्मा भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं. असम कैडर के आईएएस देवाशीष शर्मा ने DC पद से 3 सितंबर 2026 को ही वीआरएस लिया था. महज पांच दिन बाद 8 सितंबर को उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. बीजेपी ज्वाइन करने के 3 दिन बाद 11 सितंबर को उन्हें पार्टी ने टिकट भी दे दिया.
शिवमोनी बोरा, कांग्रेस उम्मीदवार
नागांव उपचुनाव 2026 में कांग्रेस ने शिवमोनी बोरा पर दांव लगाया है. शिवमोनी बोरा असम विधानसभा चुनाव 2021 में बटाद्रोबा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुनी जा चुकी हैं. असम के पूर्व मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा की बहू शिवमोनी बोरा ने तत्कालीन विधायक अंगूरलता डेका को 32 हजार 820 वोटों से हराया था. उन्होंने साल 1982 में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से एमएससी और साल 1980 में नागांव कॉलेज से बीएससी की डिग्री ली है.
नागांव उपचुनाव 2026 कार्यक्रम
नागांव लोकसभा चुनाव 2024 में जीत दर्ज करने वाले प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे की वजह से यह सीट खाली हुई थी और इस पर अब 6 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं. 9 अक्टूबर को मतगणना होगी.
नागांव लोकसभा चुनाव परिणाम
असम की नागांव लोकसभा सीट का इतिहास बड़ा रोचक है. साल 1952 से लेकर 2024 तक के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है. यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है.
नागांव लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने साल 1952, 1957, 1962, 1971 और 1977 में लगातार जीत दर्ज की. इस दौरान देवकांत, लीलाधर कोतोकी सांसद चुने गए. साल 1984, 1991 और 1998 में असम गण परिषद के मुहिराम सैकिया ने बाजी मारी. इसके बाद 1998 में कांग्रेस के नृपेन गोस्वामी सांसद चुने गए.
नागांव सीट पर भारतीय जनता पार्टी का खाता 1999 में राजेन गोहेन ने खोला और वे साल 2014 तक लगातार सांसद रहे. साल 2019 और 2024 में कांग्रेस से प्रद्युत बोरदोलोई सांसद बने, मगर अब वे कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में चले गए हैं. ऐसे में इस सीट पर उपचुनाव 2026 में सियासी समीकरण काफी बदल चुके हैं.
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