विज्ञापन

नौकरी छोड़ने के 5 दिन बाद BJP में गए, 2 दिन में मिला नौगांव लोकसभा टिकट, जानिए कौन हैं पूर्व IAS देबाशीष शर्मा

सिर्फ 7 दिनों में एक नौकरशाह से लोकसभा उम्मीदवार तक का सफर. पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा ने पहले वीआरएस लिया, फिर भाजपा जॉइन की और महज दो दिन बाद नौगांव लोकसभा उपचुनाव का टिकट हासिल कर लिया.

नौकरी छोड़ने के 5 दिन बाद BJP में गए, 2 दिन में मिला नौगांव लोकसभा टिकट, जानिए कौन हैं पूर्व IAS देबाशीष शर्मा
नौकरी छोड़ी, राजनीति में एंट्री की और सीधे लोकसभा का टिकट मिला
NDTV
गुवाहाटी / नई दिल्ली:

असम की नौगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, जिन्होंने कुछ दिन पहले ही सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी. नौगांव के जिला आयुक्त के रूप में कार्यरत रहे शर्मा ने 8 सितंबर को भाजपा जॉइन की और महज दो दिन बाद उन्हें टिकट मिल गया. उनके मैदान में उतरने से उपचुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं.

भाजपा ने पूर्व नौकरशाह पर जताया भरोसा

भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को असम की नौगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए देबाशीष शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया. शर्मा ने 3 सितंबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी. उस समय वह नौगांव जिले के जिला आयुक्त (District Commissioner) के पद पर कार्यरत थे. सेवा से अलग होने के बाद उन्होंने 8 सितंबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. पार्टी ने उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाने का फैसला किया.

बीजेपी ने किया उम्मीदवार का ऐलान

बीजेपी ने किया उम्मीदवार का ऐलान

अक्टूबर में होगा मतदान

नौगांव लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव 6 अक्टूबर को कराया जाएगा, जबकि मतों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी. इस सीट पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं और चुनाव प्रचार जल्द ही गति पकड़ने की संभावना है.

क्यों खाली हुई नौगांव सीट?

यह सीट कांग्रेस के टिकट पर 2024 लोकसभा चुनाव जीतने वाले प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में दिसपुर सीट से जीत हासिल की. इसी कारण नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराने की नौबत आई.

शिकायतों को लेकर भी रहे चर्चा में

देबाशीष शर्मा का नाम हाल के दिनों में राजनीतिक चर्चाओं में भी रहा है. पिछले सप्ताह कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत देकर शर्मा के नौगांव जिला आयुक्त रहते हुए लिए गए विभिन्न प्रशासनिक फैसलों की समीक्षा की मांग की थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस शिकायत को आवश्यक कार्रवाई और निर्देशों के लिए चुनाव आयोग को भेज दिया है.

लंबा प्रशासनिक अनुभव

अंग्रेजी साहित्य में स्नातक और जनसंपर्क विषय में परास्नातक देबाशीष शर्मा ने 1992 में असम सिविल सेवा में प्रवेश किया था. उनकी पहली नियुक्ति बरपेटा में हुई थी. अपने करियर के दौरान उन्होंने तत्कालीन असम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा के विशेष अधिकारी के रूप में भी काम किया. इसके अलावा वह मुंबई स्थित असम भवन में उप-निवासी आयुक्त के पद पर भी रहे, जहां उन्होंने महाराष्ट्र में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व किया.

सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय

प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा शर्मा सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं. वह कैंसर रोगियों की सहायता के लिए काम करने वाली संस्था ‘दीपशिखा' के संस्थापक अध्यक्ष और ट्रस्टी हैं. गुवाहाटी नगर निगम के आयुक्त और मोरीगांव के जिला आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके शर्मा अब पहली बार सक्रिय चुनावी राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं. उनके चुनाव मैदान में उतरने से नौगांव उपचुनाव दिलचस्प मुकाबले की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

यह भी पढ़ें : यूपी चुनाव में बीजेपी के 125 विधायकों के टिकट काटने की तैयारी, आंतरिक सर्वे से चौकन्ना पार्टी, 2024 के नतीजों से सबक

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nagaon Lok Sabha Seat, Former IAS Officer, BJP Candidate, Assam, Lok Sabha Bypoll
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com