ग्रेटर नोएडा की ईकोटेक 1 थाना पुलिस और SOG टीम ने नकली नोटों की छपाई और तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100-100 रुपये के कुल 2,549 जाली नोट बरामद किए हैं. बरामद नोटों की कुल कीमत 2,54,900 रुपये बताई गई है. आरोपियों के पास से नकली नोट छापने वाला प्रिंटर, नोटों की कटिंग करने वाली मशीन, एक स्कॉर्पियो कार, चार मोबाइल फोन, आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. सोमवार रात को पुलिस और एसओजी टीम सिरसा गोल चक्कर पर चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान स्कॉर्पियो कार में सवार तीन संदिग्धों को पकड़ा गया.
एक ही सीरियल नंबर छपा
तलाशी के दौरान उनके पास से जाली नोट बरामद हुए. इन सभी जाली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर छपा हुआ था. आरोपी इन नोटों को बाजार में चलाने और बेचने के लिए ले जा रहे थे.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बन्टी अत्री, खुशदिल और उपेंद्र कुमार के रूप में हुई है. तीनों आरोपी अलीगढ़ जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं.
गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट
एडीसीपी अभय मिश्रा ने बताया कि आरोपी पहले असली नोट को स्कैन करते थे. इसके बाद प्रिंटर की मदद से उसी सीरियल नंबर वाले जाली नोट तैयार किए जाते थे. नोटों को आकार देने के लिए कटिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाता था. आरोपी नकली नोटों की गड्डी तैयार करते थे और गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाते थे. इसके अलावा गड्डी को असली दिखाने के लिए उसके दोनों सिरों पर केनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म रबर बैंड से लगाए जाते थे.
इन लोगों ने इंस्टाग्राम की रील देखकर यह नकली नोट बनाने सीखे थे और करीब 3 महीने से यह इस काम को कर रहे थे. एक 100 रुपए के नोट को बनाने की लागत करीब 15 रुपये आती थी,यह काफी लोगों को नकली नोट देकर चपत लगा चुके है.
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