देश भर में मॉनसून मेहरबान, हिमाचल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में सोमवार तक और पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में रविवार तक भारी बारिश होने की संभावना जताई

देश भर में मॉनसून मेहरबान, हिमाचल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश हुई. वहीं, दक्षिण भारत के केरल के कुछ हिस्सों में भी सुबह भारी बारिश हुई और निचले इलाकों में जल जमाव से ट्रैफिक को रेंगते हुए देखा गया. केरल में एक सप्ताह से अधिक समय से बारिश का प्रकोप है जिसके कारण 19 लोगों की जान जा चुकी है और 10,000 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की परस्पर संयोग से देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बारिश हुई. दिल्ली में एक फ्लैट की छत से मलबा गिरने से 58 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई. राजस्थान में 24 घंटे के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है.

दिल्ली में बारिश का 20 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा

मौसम विभाग के अनुसार बारिश ने दिल्ली में 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला ने सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 126.1 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की. उन्होंने बताया कि बारिश का यह आंकड़ा 10 जुलाई 2003 के बाद सर्वाधिक है और तब 24 घंटों के दौरान 133.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. सफदरजंग में दर्ज आंकड़ों को पूरे शहर के लिए मानक माना जाता है.

उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई 1958 को शहर में 266.2 मिमी बारिश हुई थी जो अब तक 24 घंटे में रिकॉर्ड सबसे अधिक बारिश है. दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, एक ही दिन में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई, जो शहर में हर मानसून में होने वाली कुल बारिश का 15 प्रतिशत है.

भारी बारिश के कारण सड़कों पर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और इसमें फंसे वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. तेज हवाओं और बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट संपर्क भी बाधित होने की सूचना है.

पुलिस ने बताया कि करोल बाग इलाके में तिब्बिया कॉलेज सोसायटी के एक फ्लैट की छत बारिश के कारण ढह गई, जिसके मलबे में दबकर रंजीत कौर (58) की मौत हो गई. उसने बताया कि इस घटना में रंजीत कौर का पति और बेटा बाल-बाल बचे.

पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी भारत पर हावी

आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी भारत पर हावी है, जबकि मानसून अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण की ओर बढ़ गया है, जो निचले क्षोभमंडल स्तर तक पहुंच गया है. इसके अतिरिक्त, दक्षिण पश्चिम राजस्थान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. आईएमडी द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के बीच यह संपर्क अगले 24-36 घंटों तक जारी रहने की उम्मीद है, जिससे उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मध्यम दर्जे की बारिश होगी.

आईएमडी ने बताया कि अपराह्न 2:30 बजे समाप्त होने वाली छह घंटों की अवधि में, इस मौसम प्रणाली के कारण दिल्ली, सोनीपत और बागपत में पांच सेंटीमीटर से नौ सेंटीमीटर तक बारिश हुई.

मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की है. जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में सोमवार तक और पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में रविवार तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

मौसम कार्यालय के अनुसार, 15 मिमी से कम बारिश को हल्की, 15 मिमी और 64.5 मिमी के बीच मध्यम, 64.5 मिमी और 115.5 मिमी के बीच भारी और 115.6 मिमी और 204.4 मिमी के बीच बहुत भारी बारिश मानी जाती है. वहीं, 204.4 मिमी से अधिक बारिश को अत्यधिक भारी बारिश के रूप में श्रेणीबद्ध किया गया है.

बारिश से दिल्ली में यातायात ठप
 
दिल्ली के यातायात में फंसे यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती सुनाई. उनमें से एक ने कहा कि लक्ष्मी नगर से आईटीओ तक विकास मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम था. आईटीओ क्षेत्र में तिलक ब्रिज अंडरपास और मिंटो ब्रिज पर जलभराव के कारण बड़े पैमाने पर यातायात जाम देखा गया.

एक अन्य यात्री ने कहा कि द्वारका सेक्टर-4 और सेक्टर-5 के बीच शक्ति चौक पर भारी ट्रैफिक जाम है. घेवरा रेलवे क्रॉसिंग, चिराग दिल्ली, नेहरू प्लेस फ्लाईओवर और ग्रेटर कैलाश मेट्रो स्टेशन के पास, अन्य स्थानों पर भी लोगों ने ट्रैफिक जाम की शिकायत की.

इस बीच, कश्मीर में कई स्थानों पर कुछ घंटों में ही भारी बारिश की वजह से झेलम और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर तेजी से बढ़ गया. अधिकारियों ने नदियों के नजदीक रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और पानी के पास जाने से बचने की सलाह दी है. अधिकारियों ने कहा कि कुछ नदियों में जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है.

कश्मीर के कई हिस्सों में शनिवार को दूसरे दिन भी मूसलाधार बारिश हुई. जुलाई महीने में कुछ स्थानों पर 24 घंटे की अवधि में रिकॉर्ड बारिश हुई. अमरनाथ गुफा के पास के क्षेत्र सहित ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में बर्फबारी भी हुई. लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को लगातार दूसरे दिन स्थगित रही, जिससे हजारों तीर्थयात्री जम्मू और पवित्र गुफा के रास्ते में विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं.

कई जिलों में प्रशासन ने लोगों को सलाह जारी कर सतर्क रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने को कहा है.

हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के लिए ‘रेड' अलर्ट जारी

आईएमडी ने शनिवार और रविवार के लिए हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के लिए ‘रेड' अलर्ट जारी किया है. पहाड़ी राज्य में भूस्खलन और बाढ़ के कारण शिमला, सिरमौर, लाहौल- स्पीति, चंबा और सोलन जिलों में कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं. अटल सुरंग से लगभग एक किलोमीटर दूर टीलिंग नाले में बाढ़ आने के बाद मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया. लाहौल-स्पीति जिले के उदीपुर में मदरांग नाला और काला नाला में अचानक आई बाढ़ के बाद सड़कें भी अवरुद्ध हो गईं.

राजस्थान के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे 24 घंटे की अवधि में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि सवाई माधोपुर में अलग-अलग घटनाओं में दो पुरुष डूब गए.

मौसम विभाग ने रविवार को राजसमंद, जालौर और पाली जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनू, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बाड़मेर, जोधपुर और नागौर में भी भारी बारिश का अनुमान है.

मौसम कार्यालय ने कहा कि हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे आ गया. मौसम विभाग के अनुसार, दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में पूरे दिन बारिश हुई और अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा.

हरियाणा के यमुनानगर में 80 मिमी बारिश हुई जबकि अंबाला में 70 मिमी, सिरसा में 50 मिमी, करनाल में 40 मिमी, कुरूक्षेत्र में 30.5 मिमी, महेंद्रगढ़ में 24 मिमी और रोहतक में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई. अंबाला का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि करनाल का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस और हिसार का 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

इस बीच, पंजाब के अमृतसर में 20 मिमी, लुधियाना में 34 मिमी, पटियाला में 10 मिमी, पठानकोट में 46 मिमी, फिरोजपुर में 108 मिमी, गुरदासपुर में 38.5 मिमी और रूपनगर में 39.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. गुरदासपुर और पटियाला में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि लुधियाना में 29.1 डिग्री सेल्सियस और अमृतसर में 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मौसम विभाग कार्यालय ने रविवार को दोनों राज्यों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई है.

केरल में बारिश के कारण कुल 19 लोगों की मौत

केरल के कुछ हिस्सों में सुबह भारी बारिश के कारण यातायात जाम हो गया और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण हुई भारी बारिश से शनिवार रात तक राज्य में कुल 19 लोगों की मौत हो चुकी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को चार जिलों कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘येलो अलर्ट' जारी किया.

कोच्चि के कुछ इलाकों और इडुक्की में शनिवार तड़के भारी बारिश हुई. कोझिकोड जैसे उत्तरी जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है. यहां के लिए आईएमडी ने ‘येलो अलर्ट' जारी किया है. मूसलाधार बारिश से राहत मिली है लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित राहत शिविरों में रह रहे हैं.

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि राज्य में बारिश संबंधी दुर्घटनाओं से निपटने वाले अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाने में अपनी ओर से हुई किसी भी प्रकार की चूक के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे. जिले में लगातार हो रही बारिश की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए उठाये गये कदमों पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

मंत्री ने कहा कि निचले इलाकों, नदी तटों और तालाबों के पास के क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिये पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए. साथ ही मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाने चाहिए.