- मानसून में सुधार के बावजूद बिहार, पंजाब और केरल में बारिश का संकट
- 9 राज्यों में अब भी सूखे जैसे हालात
- खरीफ सीजन पर मौसम की मार, दलहन और तिलहन की बुआई घटी
Monsoon Deficit 2026: भारत में 1 जून से 24 जुलाई 2026 के बीच मॉनसून की कुल कमी घटकर 16% रह गई है, लेकिन बिहार, पंजाब, झारखंड, आंध्र प्रदेश और केरल समेत 9 राज्यों में अब भी 32% से अधिक वर्षा घाटा दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा कमी देखी जा रही है. कम बारिश का असर खरीफ फसलों की बुआई पर भी पड़ा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42 लाख हेक्टेयर से अधिक कम रही है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
देश के कुछ हिस्से अब भी बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं. भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में 24 जुलाई तक औसत से 32% कम बारिश रिकॉर्ड की गयी है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (South Peninsula India) में बारिश औसत से 27% कम दर्ज़ की गयी है. पूर्वी भारत के राज्यों में कृषि के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण बिहार में सबसे ज़्यादा 37% बारिश की कमी रिकॉर्ड की गयी है. आंध्र प्रदेश और केरल में मॉनसून डेफिशियेंसी 35% है, जबकि पंजाब में 33%, झारखण्ड में 32% और तेलंगाना और असम में 27% बारिश की कमी दर्ज़ की गयी है.

Monsoon Deficit: कम बारिश वाले राज्य
मॉनसून की कमी से जूझ रहे टॉप 15 राज्य:
- मणिपुर : -55%
- मेघालय : -54%
- अरुणाचल प्रदेश : -53%
- बिहार : -37%
- आंध्र प्रदेश : -35%
- केरल : - 35%
- नागालैंड : -35%
- पंजाब : -33%
- झारखण्ड : -32%
- तेलंगाना : -27%
- असम : -27%
- कर्नाटक : - 24%
- हरियाणा : - 23%
- मिज़ोरम : -21%
- उत्तर प्रदेश : -19%
खरीफ सीजन में बढ़ी टेंशन
मॉनसून की बारिश में 16% की कमी ऐसे समय पर रिकॉर्ड की गयी है जब देश में महत्वपूर्ण खरीफ सीजन जारी है. देश के कई हिस्सों में मॉनसून के कमज़ोर होने की वजह से महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुआई पर इसका बुरा असर पड़ा है.
इस दौरान अहम दलहन फसलों की बुआई में सबसे ज़्यादा 12.29 लाख हेक्टेयर (-15.08%) की कमी रिकॉर्ड की गयी है, जबकि तिलहन फसलों की बुआई 8.63 लाख हेक्टेयर (-5.54%) इलाके में घट गयी है. इस दौरान चावल की बुआई में 1.41 लाख हेक्टेयर (-0.84%) घटी है, जो राहत की बात है.
मौसम विभाग का क्या पूर्वानुमान है?
भारत मौसम विभाग ने अपने ताज़ा पूर्वानुमान रिपोर्ट में कहा है कि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण, गुजरात राज्य में 24 और 25 तारीख को कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा बारिश होने की संभावना है और आज, 24 जुलाई 2026 को मध्य महाराष्ट्र में भी कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा बारिश हो सकती है. ज़ाहिर है, मॉनसून की कमी से जूझ रहे पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगर बारिश की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर खरीफ फ़सलों की बुआई पर बढ़ता जायेगा.
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