केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को सुझाव दिया कि लोगों के बीच टीकाकरण को प्रोत्साहित करने के लिए पूर्ण टीकाकरण कराने वाले परिवारों को कोविड-19 रोधी टीकों की दोनों खुराकों ले लेने की सूचना देने वाले घरों को स्टिकर दिए जाने चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के मताबिक मंत्री ने देश के कोने-कोने तक कोविड टीकाकरण अभियान “हर घर दस्तक” को ले जाने के तरीकों पर चर्चा के लिए मंगलवार को गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), नागरिक समाज समूहों (सीएसओ) और विकास साझेदारों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता के दौरान यह सुझाव दिया.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
सरकार ने हाल ही महीने भर चलने वाले ‘‘हर घर दस्तक'' अभियान की शुरुआत की थी जिसमें घर-घर जाकर उन लोगों को टीका लगाया जा रहा है जिन्होंने अभी तक टीके की एक भी खुराक नहीं लगवाई है या जिनकी दूसरी खुराक लगनी शेष है. मंडाविया ने कहा कि भारत के टीकाकरण कार्यक्रम जैसे व्यापक अभियान के लिए ''जन-भागीदारी'' आवश्यक है.
उन्होंने कहा, “भारत कोविड-19 संकट से गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों की पहल की वजह से निकल पाया जिसने सरकार के प्रयासों को समर्थ किया ताकि सुनिश्चित हो सके कि कोविड लॉकडान के दौरान कोई भी भूखा पेट न सोए.” बयान के अनुसार, मंत्री ने 80 प्रतिशत आबादी और 40 प्रतिशत आबादी को क्रमशः टीके की पहली और दूसरी खुराक मिलने में भी उनके योगदान का उल्लेख किया.
मांडविया ने कहा कि सामूहिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी विशेषज्ञता और क्षमता के अनुसार काम करने वाले सभी हितधारकों की भागीदारी लोकतंत्र का सार है. उन्होंने टीकाकरण की पहुंच और कवरेज को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करने वाले विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की.
बयान में कहा गया कि विकसित देशों का उदाहरण देते हुए जिनकी स्वास्थ्य प्रणाली और स्वास्थ्य लाभ प्रणाली वितरण कोविड-19 के कई लहरों की वजह से अपनी पूर्ण क्षमता तक इस्तेमाल हो चुकी हैं, कहा कि दोनों खुराक 100 प्रतिशत लोगों को देना कोविड-19 टीकाकरण अभियान को पूरा करने और भारत में वैश्विक महामारी समाप्त करने के लिए जरूरी है.
Coronavirus India Live Updates: देश में कोरोना के नए केस 287 दिनों में सबसे कम, एक दिन में 197 मौतें
उन्होंने कहा, “हमें सुनिश्चित करना होगा कि हर किसी को टीका लग चुका है.” बैठक में भागीदारों को सामुदायिक जागरूकता पैदा करने और टीकाकरण अभ्यास को ''जन आंदोलन'' में बदलने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. मंत्रालय ने बयान में कहा कि गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में दूसरी खुराक के महत्व को बातचीत में एक आवश्यक घटक के रूप में चिह्नित किया गया.
100 करोड़ कोविड वैक्सीनेशन पर जश्न की तैयारी
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं