- केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने ESIC में बड़ा बदलाव लाने की घोषणा की
- सरकार प्राइवेट अच्छे अस्पतालों को ESIC अस्पताल के रूप में नामित करेगी ताकि बेहतर इलाज मिल सके
- ESIC कार्डधारकों को अब केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित न रहकर निजी अस्पतालों में भी इलाज मिलेगा
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के ढांचे में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य बीमाधारक कर्मचारियों और उनके आश्रितों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है.
प्राइवेट अस्पतालों को बनाया जाएगा ESIC अस्पताल
केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र के जो भी अच्छे और उच्च स्तरीय अस्पताल होंगे, उन्हें सरकार 'ESIC अस्पताल' के रूप में नामित करेगी. इस कदम से ESIC कार्डधारकों को सिर्फ सरकारी या ESIC डिस्पेंसरी तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे निजी अस्पतालों में भी आधुनिक इलाज सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, "हम ESIC में बड़ा बदलाव लाने जा रहे हैं. अगर प्राइवेट सेक्टर में अच्छे अस्पताल हैं, तो मैं उन्हें ESIC अस्पताल के तौर पर मान्यता दूंगा." मंत्री राजधानी दिल्ली में FICCI-AIOE ग्लोबल इंडस्ट्रियल रिलेशंस समिट में बोल रहे थे.

बीमाधारकों को मिलेगा सीधा फायदा
वर्तमान में ESIC देशभर में अपने स्वयं के अस्पतालों और डिस्पेंसरी के जरिए करोड़ों बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करता है.
मंडाविया ने कहा कि सरकार इस दिशा में स्टेकहोल्डर्स के किसी भी सुझाव पर विचार करेगी. कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री ने आगे कहा कि भारत के सामाजिक सुरक्षा सिस्टम के दायरे में अब लगभग 101 करोड़ लोग, यानी आबादी का 68.8 प्रतिशत हिस्सा आता है. मंडाविया ने कहा कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी.
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