यूरोप के कई शहरों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. स्पेन के मैड्रिड और अल्बानिया के तिराना में भारी तादाद में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. प्रदर्शनकारी पेंशन, आवास, शिक्षा, भ्रष्टाचार और युद्ध के विरोध जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं, जो पूरे महाद्वीप में लोगों की विभिन्न तरह की शिकायतों को दर्शाता है. Euro News की रिपोर्ट के मुताबिक, सावधानियों, प्रतिबंधों और भारी पुलिस तैनाती के बावजूद फ्रांस के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए. करीब लगभग 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सुरक्षा बलों के करीब 1,000 जवान घायल हुए हैं. इसके अलावा, अकेले पेरिस में ही 100 प्रदर्शनकारी और स्थानीय निवासी भी घायल हुए हैं.
अल्बानिया में हिंसक प्रदर्शन, सरकारी इमारतों को आग के हवाले किया गया...
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को अल्बानिया की दंगा-रोधी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछारों और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया. इन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर पथराव किया था और राजधानी तिराना में कृषि मंत्रालय के दरवाजे पर आग लगा दी थी. सरकार में भ्रष्टाचार, नौकरियों की कमी और शिक्षा के खराब स्तर को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है. इसी गुस्से के चलते छात्रों के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शनों ने मध्य तिराना को अपनी चपेट में ले लिया है और इस महीने ये प्रदर्शन अन्य शहरों तक भी फैल गए हैं.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
Albania: Protesters fire streams of firework rockets at riot police in Albania's capital Tirana. https://t.co/jioU1ez8c6
— Clash Report (@clashreport) October 24, 2026
शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे (1200 GMT) प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्रालय के सामने इकट्ठा हुए और पुलिस पर पत्थर फेंके. पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया, जिसके बाद वे शहर की अलग-अलग जगहों पर बिखर गए. 28 साल के प्रदर्शनकारी डेनियल ताहिरी ने कहा, "अल्बानिया के लोग अब जाग गए हैं." उन्होंने सरकार को लोकतंत्र का चोला पहने हुए तानाशाही करार दिया. वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी, ओर्गेटा लिकाज (29) ने कहा कि लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री रामा को पता चले कि भ्रष्टाचार और घोटालों की वजह से अब अल्बानिया के लोग उन्हें नहीं चाहते.
स्पेन और फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन...
फ्रांस और स्पेन में शनिवार को सत्ता-विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, दुकानों में लूटपाट हुई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. स्पेन के बार्सिलोना में अधिकारियों ने नकाबपोश प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकानों में तोड़फोड़ करने के बाद 100 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि फ्रांसीसी पुलिस ने महंगाई और स्कूल के वित्तपोषण को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
बार्सिलोना में, सत्ता के खिलाफ रैली में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय प्लाजा डी कैटालोनिया के आसपास के इलाकों में सड़क के फर्नीचर में आग लगा दी और दुकानों को लूट लिया. यह इलाका पर्यटकों और वीकेंड में खरीदारी करने वालों के बीच लोकप्रिय है. कैटालोनिया की गृह मंत्री नूरिया पार्लोन ने कहा कि बार्सिलोना में गिरफ्तार किए गए लोगों में से करीब एक चौथाई नाबालिग थे. उन्होंने आगे कहा कि 30 से ज्यादा जगहों पर आग लगाई गई और 14 दुकानों में तोड़फोड़ या लूटपाट की गई.
🚨 BREAKING: Barcelona just erupted. Fires in the streets. Looting. Barricades burning in Plaça Catalunya. Hooded crowds smashed shops, torched trash, and trapped people inside stores while police pushed them back. Spain now has OVER 10 MILLION foreign-born residents. That is more than ONE IN FIVE people in the country. Europe keeps importing chaos, then acts shocked when the streets catch fire. Open borders have a cost. Barcelona just paid it. America, wake up. https://t.co/pMzQ9m1UZY
— Gunther Eagleman™ (@GuntherEagleman) October 24, 2026
फ्रांस के शहरों में आंसू गैस और झड़पें
फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों के लिए फंड की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में लाखों लोग शामिल हुए. इस दौरान पेरिस और कई अन्य शहरों में झड़पें हुईं. प्रदर्शनकारियों ने इसे 'एक्ट II' यानी दूसरा चरण बताया है. इससे एक हफ्ते पहले भी भारी अशांति देखी गई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर लूटपाट हुई थी और सार्वजनिक इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया था.
गृह मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, पूरे देश में 4,10,000 लोग प्रोटेस्ट में शामिल हुए, जिनमें से 1,10,000 लोग पेरिस में थे. प्रदर्शन आयोजित करने में मदद करने वाले संगठन CGT यूनियन के मुताबिक, पूरे देश में करीब 8,00,000 लोग और पेरिस में 2,50,000 लोग शामिल हुए. मंत्रालय ने बताया कि पिछले वीकेंड हुए प्रदर्शनों में 5,50,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान था, जबकि इस बार यह तादाद उससे कम रही.
पुलिस ने मार्सिले, ल्योन, लिले, बोर्डो, टूलूज़, मोंटपेलियर और नैनटेस में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस का इस्तेमाल किया. गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने दिन में ही चेतावनी दी थी, "हम किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था में खलल को बर्दाश्त नहीं करेंगे."
अधिकारियों ने प्रदर्शनों को संभालने के लिए पूरे फ्रांस में 70,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था. पिछले वीकेंड हुई अशांति के दौरान सैकड़ों दुकानों में लूटपाट हुई थी और 2,700 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
यह भी पढ़ें | पेरिस के पास हुई गोलीबारी में एक की मौत, चार घायल, पुलिस कर रही है टेरर एंगल की जांच
यह भी पढ़ें | अल्बानिया में भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद करने वाले सुप्रीम कोर्ट को जलाया, भारत सबक ले, राउत पर भड़की BJP
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं