NDTV Dettol Banega Swasth India Season 13 के लॉन्च के दौरान स्वास्थ्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चाएं हुईं, जिसमें से सबसे अहम चर्चा बच्चों के वैक्सीन पर हुई. दरअसल, बच्चों को वैक्सीन लगवाना चाहिए या नहीं? ये सवाल आज भी कई पेरेंट्स के मन में आता है. सोशल मीडिया पर वैक्सीन को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारी और अफवाहों के बीच कई परिवार इस कंफ्यूजन में रहते हैं कि उन्हें अपने बच्चे का वैक्सीनेशन करवाना चाहिए या नहीं. इसी मुद्दे को लेकर NDTV Dettol Banega Swasth India Season 13 के मंच पर अभिनेता आयुष्मान खुराना ने बच्चों की वैक्सीन को लेकर डॉ. नीलम से कुछ जरूरी सवाल किए. उन्होंने पूछा कि आजकल माता-पिता के मन में वैक्सीन को लेकर काफी डर है, ऐसे में क्या बच्चों को वैक्सीन लगवानी चाहिए या नहीं? इस सवाल को लेकर डॉ. नीलम मोहन ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों को समय पर वैक्सीन लगवाना उनके स्वस्थ भविष्य के लिए बेहद जरूरी है. यहां जानते हैं इस विषय को विस्तार से-
वैक्सीन को लेकर पेरेंट्स के मन में सवाल उठना है नॉर्मल
डॉ. नीलम मोहन का कहना है कि माता-पिता के मन में वैक्सीन को लेकर सवाल उठना बिल्कुल सामान्य है. ये उनके कंसर्निंग का पार्ट होता है. हालांकि, किसी भी वैक्सीन को लेकर निर्णय लेने से पहले ये समझना जरूरी है कि उसके संभावित मामूली साइड इफेक्ट अधिक नुकसानदायक हैं या फिर वह गंभीर बीमारी, जिससे बचाव के लिए वैक्सीन दी जा रही है.
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उन्होंने बताया कि कोई भी वैक्सीन सालों की रिसर्च, वैज्ञानिक परीक्षणों और सुरक्षा मानकों से गुजरने के बाद लोगों तक पहुंचती है. इसलिए सिर्फ अफवाहों या अधूरी जानकारी के आधार पर बच्चों को वैक्सीन से दूर रखना सही फैसला नहीं है.
सोशल मीडिया की गलत जानकारी से रहें सावधान
डॉ. मोहन ने कहा कि आज सोशल मीडिया पर किसी एक व्यक्तिगत अनुभव या घटना को कई बार बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, जिससे माता-पिता प्रभावित हो जाते हैं. लेकिन किसी भी वैक्सीन से जुड़ी खबर या घटना को देखने के बाद उसके पूरे संदर्भ और वैज्ञानिक तथ्यों को समझना जरूरी है.
उन्होंने सलाह दी कि टीकाकरण से जुड़ी किसी भी शंका की स्थिति में किसी अच्छी पीडियाट्रिक्स या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए, न कि सिर्फ सोशस मीडिया पोस्ट पर भरोसा करके आप वैक्सीन न लगवाने का फैसला लें.
बच्चे की सुरक्षा कवच है वैक्सीन
विशेषज्ञों के अनुसार टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वैक्सीन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करती है और कई संक्रामक रोगों के खतरे को कम कर सकती है. यही कारण है कि बच्चों को तय समय पर सभी जरूरी टीके लगवाने की सलाह दी जाती है.
टीनएज के लिए HPV वैक्सीन क्यों जरूरी?
चर्चा के दौरान आयुष्मान खुराना ने HPV वैक्सीन का भी जिक्र हुआ. इसपर डॉ. नीलम ने बताया कि दुनिया भर में 600 मिलियन यानि 60 करोड़ से अधिक टीनएजर्स को HPV वैक्सीन दी जा चुकी है. इसके बावजूद कई लोगों के मन में इसे लेकर डर और गलत धारणाएं मौजूद हैं.
डॉक्टर का कहना है कि HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर कैंसर के रिस्क को कम करने में मदद कर सकती है. यही वजह है कि कई देशों में इसे पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम का हिस्सा बनाया गया है. डॉक्टर कहती हैं कि लोगों को ये समझना चाहिए कि वैक्सीन का उद्देश्य सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि बीमारी की रोकथाम भी है.
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