- महाराष्ट्र सरकार ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया
- नाबालिगों के ड्रग्स उपयोग को रोकने के लिए अपराध की उम्र सीमा घटाकर सोलह वर्ष करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
- पुलिस अधिकारियों की लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई कर सीधे बर्खास्तगी तक की जाएगी
महाराष्ट्र में बढ़ते मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा करते हुए बताया कि ड्रग्स के खिलाफ राज्यभर में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है. साथ ही, नाबालिगों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अपराध की उम्र सीमा 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. यह मुद्दा विधानसभा में विधायक प्रवीण दतके द्वारा उठाया गया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने सरकार की व्यापक रणनीति की जानकारी दी.
ड्रग्स नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के तार न केवल अन्य राज्यों बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हुए हैं. ऐसे मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी.
नाबालिगों के इस्तेमाल पर चिंता
सरकार ने माना कि ड्रग्स तस्करी में नाबालिगों का उपयोग बढ़ रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र से कानून में बदलाव कर अपराध की आयु सीमा घटाने का अनुरोध किया गया है, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.
पुलिस की जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, अनदेखी या इस अवैध कारोबार में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में सीधे बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो रही है.
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सख्ती
सरकार ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ड्रग्स से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए विशेष तंत्र विकसित किया है. टास्क फोर्स को आधुनिक तकनीक और खुफिया नेटवर्क के साथ मजबूत किया जाएगा.
विदेशी नागरिकों पर नजर
राज्य में ड्रग्स मामलों में विदेशी नागरिकों की बढ़ती संलिप्तता को लेकर सरकार सतर्क हो गई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट और वीजा की अवधि की नियमित जांच के लिए विशेष व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके.
बार और पब पर कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि जिन बार और पब में बार-बार नियमों और समयसीमा का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके लाइसेंस सीधे रद्द कर दिए जाएंगे. इससे नाइटलाइफ से जुड़े अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम ड्रग्स माफिया के खिलाफ एक व्यापक और सख्त अभियान की शुरुआत माना जा रहा है. टास्क फोर्स, कानून में बदलाव का प्रस्ताव और पुलिस जवाबदेही जैसे कदम आने वाले समय में राज्य में मादक पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
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