जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले से बाल उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है. बग्रान सरथल क्षेत्र स्थित मदरसा गोर्सिया में पढ़ने वाले 9 वर्षीय छात्र के साथ शिक्षक द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने का आरोप लगा है. घटना के बाद डरा-सहमा बच्चा मदरसे से निकलकर करीब 30 किलोमीटर दूर किश्तवाड़ शहर पहुंच गया. स्थानीय लोगों ने बच्चे के शरीर पर चोट के निशान देख बाल कल्याण समिति को सूचना दी. इसके बाद बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसका इलाज और काउंसलिंग शुरू कराई गई.
मदरसे से भागकर शहर पहुंचा बच्चा
NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्चा गुज्जर-बकरवाल समुदाय से संबंध रखता है और मदरसा गोर्सिया में पढ़ाई करता था. आरोप है कि शिक्षक द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट के बाद वह मदरसे से भाग गया. करीब 30 किलोमीटर दूर किश्तवाड़ शहर में बच्चा अकेला भटकता हुआ मिला. स्थानीय युवाओं ने उसे देखा और उसके शरीर पर चोटों के निशान पाए. इसके बाद मामले की जानकारी तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) को दी गई.

पैरों में पिटाई के निशान
बाल कल्याण समिति ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद बाल कल्याण समिति की टीम ने बच्चे को अपने संरक्षण में लिया. अधिकारियों ने बच्चे का प्राथमिक उपचार कराया और उसकी काउंसलिंग भी शुरू कराई. बताया गया है कि बच्चा काफी डरा हुआ था. उसके बयान के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है.

पीठ पर बन गए हैं जख्म
बच्चे ने लगाए गंभीर आरोप
बच्चे ने दावा किया कि मदरसे में उसके साथ मारपीट की गई. उसने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की पिटाई वहां आम बात थी और अन्य बच्चों को भी अलग-अलग कारणों से पीटा और टॉर्चर किया जाता था. इन आरोपों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है.
FIR दर्ज करने की तैयारी
किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार ने कहा कि बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. इसके बाद उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन और पुलिस सक्रिय
अधिकारियों के अनुसार, मदरसा प्रशासन और आरोपी शिक्षक के खिलाफ बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन यह भी जांच करेगा कि मदरसे में बच्चों की सुरक्षा और देखरेख से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं.
कड़ी कार्रवाई की मांग
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि शिक्षा देने वाले संस्थान में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण होने चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान को बच्चों के साथ दुर्व्यवहार या हिंसा का केंद्र नहीं बनने दिया जा सकता. फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटा हुआ है.
यह भी पढ़ें : पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों पर लगेगा ताला, 100 और संकट में; सर्वे के बाद एक्शन में शुभेंदु सरकार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं