- केरल में कांग्रेस ने जीत के बाद भी मुख्यमंत्री का नाम अभी तक घोषित नहीं किया है जिससे पार्टी में असमंजस है
- केसी वेणुगोपाल को 63 विधायकों में से 47 ने मुख्यमंत्री पद के लिए पहली पसंद के रूप में चुना है
- सतीशन को कांग्रेस की सहयोगी मुस्लिम लीग का समर्थन प्राप्त है लेकिन पार्टी आलाकमान उनके नाम पर सहमत नहीं है
केरल में जीत के बाद भी कांग्रेस मुश्किल में है. बंगाल, तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों में जहां शपथ ग्रहण भी हो गया वहीं केरल में कांग्रेस मुख्यमंत्री तक नहीं चुन सकी है. जीत 9 दिन बाद भी सीएम के नाम का ऐलान नहीं हुआ है. सवाल यही है कि आखिर कांग्रेस ऐसी कौन सी मुश्किल में फंसी है कि मुख्यमंत्री तक नहीं चुन पा रही. सीएम के नाम पर आखिरी मुहर को हाईकमान को ही लगानी है. ऐसे में कांग्रेस के पूर्व केरल अध्यक्ष के मुरलीधरन और वीएम सुधीरन दिल्ली आने वाले हैं ताकि नए सीएम को लेकर कोई सहमति बन सके.
केरल सीएम को लेकर कहां फंसा है पेंच?
माना जा रहा है कि केरलम के अगले मुख्यमंत्री का ऐलान मंगलवार देर शाम या बुधवार तक हो सकता है. जिसके बाद 15 मई को शपथ ग्रहण समारोह होगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार शाम तक तक बेंगलुरु से दिल्ली वापस लौट आएंगे. पेंच फंसा है कई नामों को लेकर. सूत्रों का कहना है कि केरल के ज्यादातर विधायकों की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल हैं. वह सीएम की रेस में आगे चल रहे हैं. हालांकि वीडी सतीशन भी मुख्यमंत्री बनने पर अड़े हैं. इस बीच वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला भी किस्मत आजमा रहे हैं. कांग्रेस इन्हीं तीन चेहरों के बीच फंसी हई है इसीलिए नाम के ऐलान में शायद देरी हो रही है.
पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया
राहुल गांधी ने केरलम प्रदेश कांग्रेस के कुछ पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया है ताकि सीएम के नाम पर सहमति बन सके. इससे पहले, राहुल और खरगे ने सीएम पद के तीनों दावेदारों के साथ बैठक भी की थी. वहीं पर्यवेक्षक के तौर पर कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन और महासचिव मुकुल वासनिक केरलम कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायकों के बीच रायशुमारी भी कर चुके हैं. फिर भी पेंच है कि सुलझता नहीं.
वेणुगोपाल को कितने विधायकों का समर्थन?
केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के 63 विधायकों में से 47 की मुख्यमंत्री पद के लिए पहली पसंद हैं. सूत्रों के मुताबिक, बीते गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में पर्यवेक्षकों संग बैठक में कांग्रेस के 47 विधायकों ने वेणुगोपाल को पहली पसंद बताया. वहीं 10 विधायकों ने अपनी राय जाहिर नहीं की और कहा कि पार्टी आलाकमान जो भी नाम तय करेगी उनको मंजूर होगा. वहीं कुछ विधायकों ने रमेश चेन्नीथला को अपनी दूसरी पसंद बताया. वहीं 5 विधायकों को सीएम के लिए वीडी सतीशन पसंद हैं. विधायक दल में दो तिहाई से ज्यादा विधायकों के समर्थन की वजह से केसी वेणुगोपाल के सीएम बनाए जाने की संभावना ज्यादा है.
सतीशन को CM बनाने से कांग्रेस क्यों बच रही?
कांग्रेस की सहयोगी मुस्लिम लीग (IUML) की मांग है कि वीडी सतीशन को सीएम बनाया जाए. वह आम लोगों में भी काफी लोकप्रिय हैं. सतीशन के पक्ष में सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर पर मुहिम चलाई जा रही है. इस प्रेशर पॉलिटिक्स की वजह से कांग्रेस आलाकमान के लिए फैसला लेना मुश्किल हो गया है. सूत्रों के मुताबिक ये बातें सतीशन के खिलाफ जा रही हैं. राहुल गांधी ने शनिवार को सीएम पद के तीनों दावेदारों के संग बैठक में सबसे गुटबाजी और शक्ति प्रदर्शन बंद करने को कहा था. यह संदेश असल में था वीडी सतीशन के लिए. पार्टी में एक वर्ग को लग रहा है कि सतीशन बिना विधायकों के समर्थन के ही पार्टी को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर कांग्रेस सतीशन को सीएम बनाती है तो बीजेपी को केरलम में सियासत का बड़ा मुद्दा हाथ लग जाएगा.
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