विज्ञापन

हिंद महासागर में दिखा भारत का जोरदार दम, MILAN 2026 में भारतीय जंगी जहाजों का जलवा

विशाखापत्तन में आयोजित MILAN 2026 में भारतीय जंगी जहाजों ने खूब दम दिखाया. इस आयोजन में अमेरिका, रूस और ईरानी की सेनाओं ने भी हिस्सा लिया.

हिंद महासागर में दिखा भारत का जोरदार दम, MILAN 2026 में भारतीय जंगी जहाजों का जलवा
विशाखापत्तन में समाप्त हुए मिलन 2026 अभ्यास
विशाखापत्तनम:

भारतीय नौसेना द्वारा सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय यानी कई देशों के समुद्री अभ्यास MILAN 2026 का समापन हो गया है. एक हफ्ते तक चले इस अभ्यास में भारतीय नौसेना न केवल आपकी ताकत दिखाई बल्कि अपनी दोस्ती भी दिखाई. दिलचस्प बात थी कि इसमें अमेरिका, रूस और ईरान एक साथ खड़े दिखे. इस अभ्यास का समापन भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant पर आयोजित किया गया.

Latest and Breaking News on NDTV


समारोह की अध्यक्षता इंडियन नेवी की ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंदा ने की. इस मौके पर अभ्यास में शामिल हुए सभी देशों के वरिष्ठ नेवल अधिकारी मौजूद रहे. मिलन 2026 में इस बार रिकॉर्ड स्तर पर भागीदारी देखने को मिली. इस अभ्यास में कुल 42 युद्धपोत और पनडुब्बियों को शामिल किया गया. ये इस कार्यक्रम को अपने आप में काफी भव्य बनाता है. इसके साथ ही 29 सैन्य विमान भी इस अभ्यास का हिस्सा बने. इसके अलावा फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका के समुद्री निगरानी विमान भी इसमें शामिल हुए. यह अभ्यास ‘कैमराडरी, कोऑपरेशन और कोलैबोरेशन' थीम पर आधारित था. इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ाना था. 

Latest and Breaking News on NDTV

अभ्यास की शुरुआत हार्बर फेज से हुई. इस चरण में बैठकों, सेमिनार और विशेषज्ञों के विचार-विमर्श का आयोजन किया गया. नौसेना अधिकारियों को दूसरे देशों के नेवल अधिकारियों से बातचीत और अनुभव साझा करने का अवसर मिला. साथ ही इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल गतिविधियां भी आयोजित कराई गईं, जिससे आपसी संबंध मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना गया. 

हार्बर के बाद समुद्र में सी फेज शुरू हुआ. इस चरण में कई कठिन और वास्तविक परिस्थितियों जैसे अभ्यास किए गए. इसमें हवाई सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी अभियान, समुद्री निगरानी और दुश्मन जहाजों पर कार्रवाई जैसे अभ्यास शामिल थे. जहाजों और विमानों के बीच तालमेल की भी जांच की गई. साथ ही इसमें लाइव फायरिंग अभ्यास भी हुआ, जिसमें तोप और एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग शामिल थी. इस अभ्यास के दौरान सभी देशों की नौसेनाओं ने मिलकर संयुक्त मिशन की योजना बनाई और उसे सफलतापूर्वक पूरा किया. भारत ने आईएनएस विक्रांत से लेकर विशाखापट्टनम क्लास के डिस्ट्रॉयर नीलगिरी क्लास के प्रोजेक्ट, फ्रिगेट और डाइविंग सपोर्ट वेसल आईएनएस निस्तार जैसे युद्धपोतों के साथ मिलन 2026 में हिस्सा लिया. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com