विज्ञापन

कौन है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी शहजाद भट्टी, कैसे चलाता है पूरा नेटवर्क? TTH से कनेक्शन

Shahzad Bhatti: पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाता है. उसका कनेक्शन TTH से भी है. उसका पूरा नेटवर्क कैसे काम करता है, इसकी भी जानकारी सामने आई है.

कौन है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी शहजाद भट्टी, कैसे चलाता है पूरा नेटवर्क? TTH से कनेक्शन
शहजाद भट्टी कैसे चलाता है पूरा नेटवर्क
  • पाकिस्तान के आतंकी शहजाद भट्टी का सोशल मीडिया नेटवर्क युवाओं को लालच देकर आतंक की राह पर धकेलता है.
  • ISI की मदद से इस्लामाबाद में कॉल सेंटर संचालित होता है, जो भारत में युवाओं से संपर्क स्थापित करता है.
  • नेटवर्क में पैसा और हथियार पाकिस्तान से आते हैं और भारत में मॉड्यूल के जरिए आतंकवादी गतिविधियां करवाई जाती हैं

पाकिस्तान का आतंकी शहजाद भट्टी अब सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाला शख्स नहीं रह गया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में उसके एक ऐसे नेटवर्क की जानकारी सामने आई है, जो किसी कॉरपोरेट कंपनी की तरह काम करता है. इस नेटवर्क में पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की पहचान की जाती है, फिर उन्हें लालच दिया जाता है और धीरे-धीरे आतंक की राह पर धकेला जाता है. गरीब, बेरोजगार और नाबालिग युवाओं को निशाना बनाया जाता है. उन्हें पैसे, हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर पहचान बनाने और विदेश भेजने का लालच दिया जाता है. शुरुआत में उनसे छोटे-मोटे काम करवाए जाते हैं, जैसे किसी जगह की फोटो या वीडियो भेजना, भरोसा बनने के बाद उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता है, इस नेटवर्क का सरगना भट्टी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का खास मोहरा है. 

इस्लामाबाद में 'आतंक का कॉल सेंटर'

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ISI की सरपरस्ती में भट्टी ने इस्लामाबाद में एक कॉल सेंटर खोला है, आतंक के इसी कॉल सेंटर में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए भारत में युवाओं से संपर्क किया जाता है. उसके कथित सोशल मीडिया एक्सपर्ट अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर युवाओं की प्रोफाइल तलाशते हैं और फिर निजी चैट के जरिए उनसे संपर्क शुरू करते हैं. इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उन्हें भट्टी के नेटवर्क के हैंडलर्स से जोड़ा जाता है. एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान से बैठे हैंडलर युवाओं को पैसे और विदेश जाने का लालच देते हैं. जब कोई युवक इनके जाल में फंस जाता है तो उसे आगे हथियार चलाने और आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू होती है. यानी पूरा नेटवर्क एक तय सिस्टम के तहत काम करता है सोशल मीडिया से संपर्क, लालच, भरोसा कायम करना, हैंडलर से कनेक्शन, ट्रेनिंग और फिर आतंकी मॉड्यूल में शामिल करना. 

पैसा और हथियार पाकिस्तान से, काम भारत में

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाला पैसा और हथियार पाकिस्तान से पहुंचाए जाते हैं. पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर युवाओं को निर्देश देते हैं और भारत में मौजूद मॉड्यूल उनसे काम करवाते हैं. शहजाद भट्टी के कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स में रहमान चाचा, यावर खान, मुन्ना झिंगाड़ा, आबिद जट्ट, उजहैर, राणा ह़ुनैन, सोहेल बलोच और अजमल गुज्जर जैसे नाम जांच में सामने आए हैं, इनमें कुछ नाम कोड वर्ड हो सकते हैं.

ये भी पढे़ंः आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 14 राज्यों में 253 लोग हिरासत में, अमित शाह ने दी जानकारी

कौन है शहजाद भट्टी

भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक शहजाद भट्टी मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है. करीब 45 साल के भट्टी का नाम पाकिस्तान में अपराध से जुड़े मामलों में सामने आने की बात कही गई है. पाकिस्तानी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शहजाद भट्टी पर साल 2013 में पहली बार चोरी और डकैती के मुकदमे दर्ज हुए थे. इसके बाद उस पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी लगे. साल 2015 के आसपास वह पाकिस्तान से भागकर दुबई पहुंच गया. वहां उसने स्क्रैप और डेयरी का धंधा शुरू किया और बलूचिस्तान के कुख्यात फारुख खोकर गैंग से हाथ मिला लिया. भट्टी खोकर गैंग का सबसे अहम और एक्टिव मेंबर है. दुबई में रहते हुए ही उसने 333 नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वीडियो बनाने शुरू किए. भारत-पाकिस्तान संबंध, धार्मिक विवाद और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के आपसी झगड़ों पर तीखे वीडियो बनाकर उसने लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए. लेकिन एजेंसियों का कहना है कि यह लोकप्रियता सिर्फ एक मुखौटा थी, जिसके पीछे भारत के खिलाफ एक बड़ा आतंकी नेटवर्क तैयार किया जा रहा था. ​भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी अकेले काम नहीं कर रहा है.

सोशल मीडिया बना भर्ती का सबसे बड़ा हथियार

जांच में सामने आया तरीका बेहद संगठित बताया जा रहा है. पहले सोशल मीडिया पर ऐसे युवाओं को खोजा जाता है जो आर्थिक परेशानी में हों, बेरोजगार हों या जल्दी पैसा कमाना चाहते हों. फिर उन्हें निजी मैसेज भेजे जाते हैं. बातचीत आगे बढ़ने पर उन्हें वीडियो कॉल के जरिए नेटवर्क के लोगों से जोड़ा जाता है. उन्हें कहा जाता है कि छोटे काम करके आसानी से पैसा कमाया जा सकता है। कई युवाओं को हथियारों के साथ वीडियो बनाने, सोशल मीडिया पर पहचान बनाने और विदेश भेजने तक का लालच दिया गया. लेकिन धीरे-धीरे यही संपर्क उन्हें गंभीर आपराधिक और आतंकी गतिविधियों तक ले जाने का जरिया बन जाता है. 

देशभर में बड़ा पैन इंडिया ऑपरेशन

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जब इस नेटवर्क की जानकारी मिली तो मई 2026 के पहले हफ्ते में कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई शुरू की गई. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों के पास सैकड़ों संदिग्ध मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी थी. पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से बड़ी संख्या में संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया गया. हरियाणा में भी बड़ी संख्या में युवाओं से पूछताछ हुई. दिल्ली में कुछ युवाओं की काउंसलिंग कराई गई और उन्हें इस नेटवर्क से दूर रखने के लिए कदम उठाए गए. उपलब्ध जांच इनपुट के मुताबिक, अब तक पैन इंडिया कार्रवाई में 200 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी और करीब इतने ही लोगों को डी-रेडिकलाइज करने की कार्रवाई की बात सामने आई है.

ये भी पढ़ेंः अमित शाह के खुलासे पर तिलमिलाया पाकिस्तान, ISI के 200 ऑपरेटिव की गिरफ्तारी पर क्या बोला 'आतंकी फैक्ट्री'?

TTH का कनेक्शन

जांच में शहजाद भट्टी के नेटवर्क का नाम तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान यानी TTH से भी जोड़े जाने की बात सामने आई है. दिल्ली पुलिस की जांच में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि दिल्ली और फरीदाबाद में दीवारों पर TTH लिखने का काम कराया गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके साथ अंग्रेजी का 'S' लिखने के निर्देश दिए गए थे, ताकि इसे शहजाद भट्टी से जोड़कर देखा जाए. पंजाब में जब पुलिसकर्मियों की हत्या हुई तो इसकी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर TTH ने ही ली थी. 

पुलिसकर्मी भी निशाने पर

इस नेटवर्क की जांच में सबसे गंभीर खुलासों में से एक पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की कथित योजना है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ गिरफ्तार युवाओं को पुलिसकर्मियों पर हमला करने, उसका वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल करने के बदले पैसे देने का लालच दिया गया था. उत्तर प्रदेश में एक पुलिसकर्मी की कथित तौर पर रेकी किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई. हालांकि आखिरी समय में हथियार में तकनीकी खराबी आने से हमला नहीं हो पाया. पंजाब में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या और कई पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमलों को भी एजेंसियां भट्टी के नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही हैं.

पंजाब से दिल्ली तक कई राज्यों में नेटवर्क 

जांच एजेंसियों के मुताबिक भट्टी के नेटवर्क से जुड़े मॉड्यूल पर कई राज्यों में हिंसक घटनाओं और हमले की साजिश के आरोप हैं. इनमें पंजाब में पुलिसकर्मियों की हत्या, पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले, बठिंडा में एक बीजेपी नेता के क्लीनिक पर पेट्रोल बम हमला, रांची में RSS कार्यालय पर हमला, जालंधर में BSF कैंप के बाहर धमाका और अमृतसर में सेना की छावनी की दीवार के पास धमाके जैसे मामले शामिल बताए गए हैं. मार्च 2025 में जालंधर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रोजर संधू के घर ग्रेनेड हमला नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस स्टेशन के बाहर ब्लास्ट और जनवरी 2026 में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के बाहर धमाके को भी इसी नेटवर्क की जांच से जोड़ा गया है.

सिर्फ हमले नहीं, बड़े टारगेट की भी रेकी

जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि नेटवर्क सिर्फ छोटे स्तर के हमलों तक सीमित नहीं था. कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी की गई. एजेंसियों के मुताबिक, लखनऊ में आर्मी कैंट और बमरौली एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की योजना की जानकारी सामने आई. फिल्म निर्माता अमित जानी को धमकी देने, नेताओं को हनी ट्रैप में फंसाने और जंतर-मंतर पर हमले की साजिश की भी जांच की गई. फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को धमकी,बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धमकी,लारेंस और अनमोल बिश्नोई को मारने की धमकी भी दे चुका है,पश्चिम बंगाल में के मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश भी उसने रची थी. इसके अलावा 15 अगस्त के आसपास हमले की साजिश, दिल्ली में न्यू पुलिस लाइन, आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की योजना तथा दिल्ली पुलिसकर्मियों पर हमले की कथित साजिश की भी जांच हुई. मुंबई में दादर मार्केट, सिद्धिविनायक मंदिर, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र और जेजे ब्रिज जैसे संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने साजिश में कर चुका है.

अस्पताल, राजनीतिक कार्यालय और धार्मिक स्थल भी निशाने पर

मई 2026 में यूपी ATS की कार्रवाई के दौरान पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि दिल्ली और पंजाब के भीड़भाड़ वाले अस्पतालों और एक प्रमुख राजनीतिक दल के कार्यालय की GPS लोकेशन और वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे. जांच एजेंसियों को शक है कि इन स्थानों पर हमले की तैयारी के लिए रेकी कराई गई थी. इसके अलावा पंजाब में स्कूल चलाने वाले एक प्रमुख व्यक्ति की हत्या की कथित साजिश की भी जांच हुई.दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात अर्धसैनिक बलों की जानकारी जुटाने का आरोप भी सामने आया. दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर एक मशहूर ढाबे को ग्रेनेड हमले का निशाना बनाने की कथित योजना की भी जांच की गई. हरियाणा के हिसार में एक सैन्य प्रतिष्ठान की रेकी कर उसके वीडियो भट्टी तक भेजे जाने की बात भी जांच में सामने आई है.

भारत में 14 राज्यों में भट्टी का नेटवर्क

शहजाद भट्टी भारत में तेजी से अपने नेटवर्क को आगे बढ़ा रहा है,उसका नेटवर्क इस समय उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात , बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश,जम्मू कश्मीर और केरल में है. 

ऑनलाइन से ऑफलाइन आतंक तक

शहजाद भट्टी के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि इसमें सोशल मीडिया को भर्ती के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. पहले ऑनलाइन संपर्क, फिर पैसे का लालच, उसके बाद पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से संपर्क और अंत में भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल यह पूरा मॉडल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बन चुका है. युवाओं को आतंक की राह पर ले जाने के लिए अब हमेशा किसी आतंकी संगठन का पारंपरिक प्रचार जरूरी नहीं है। सोशल मीडिया की एक फर्जी दोस्ती, आसान पैसे का लालच और विदेश भेजने का सपना भी किसी युवा को इस जाल में फंसा सकता है. यही वजह है कि भारतीय एजेंसियां अब शहजाद भट्टी के नेटवर्क के साथ-साथ उसके सोशल मीडिया इकोसिस्टम, फंडिंग चैनल, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और भारत में मौजूद मॉड्यूल की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.

ये भी पढे़ंः ISI और आतंकी शहजाद भट्टी के निशाने पर पश्चिमी UP, कैसे बना रहे रिक्रूटमेंट सेंटर, जांच में बड़ा खुलासा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Shahzad Bhatti, Shahzad Bhatti Gang, Shahzad Bhatti Module, Shahzad Bhatti Network, Shahzad Bhatti News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com