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मैं इस विलय के खिलाफ, नहीं चाहता TMC के बागी सांसद हमारी पार्टी ज्वाइन करें: NCPI महासचिव शांतनु डे

NCPI महासचिव शांतनु डे ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि टीएमसी के बागी सांसद हमारी पार्टी ज्वाइन करें. उन्होंने कहा कि जैसे इन लोगों का TMC में बहिष्कार हुआ, वैसे ही यहां भी होगा.

मैं इस विलय के खिलाफ, नहीं चाहता TMC के बागी सांसद हमारी पार्टी ज्वाइन करें: NCPI महासचिव शांतनु डे
  • तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से अलग स्थान देने और एनसीपीआई में विलय की मांग की है
  • एनसीपीआई के महासचिव शांतनु डे ने इस विलय का विरोध जताते हुए खुद को बागी सांसदों के शामिल के खिलाफ बताया
  • एनसीपीआई की स्थापना 2022 में हुई थी. इसका कार्यालय त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में है
नई दिल्ली:

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के बागी गुट ने रविवार शाम स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और सदन में टीएमसी से अलग स्थान दिए जाने की मांग की. साथ ही त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में अपने विलय की भी घोषणा कर दी. इस बीच NCPI के राष्ट्रीय महासचिव शांतनु डे ने कहा है कि मैं इस विलय के खिलाफ हूं. मैं नहीं चाहता कि TMC के बागी गुट हमारी पार्टी ज्वाइन करें.

शांतनु डे ने कहा कि मैं पार्टी का नेशनल जनरल सेक्रेटरी हूं. ये पार्टी मैंने लोक अधिकार के लिए खड़ी की थी. हमने 2023 का चुनाव भी लड़ा था. मैं नहीं चाहता कि रेबल TMC हमारी पार्टी ज्वाइन करें., लेकिन हमारी पार्टी के अध्यक्ष इनके साथ जुड़ना चाहते हैं, लेकिन मैं इसको सपोर्ट नहीं करता.

NCPI महासचिव ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष उत्तीय कुंडू हैं. इन खबरों के आने के बाद मैंने पार्टी अध्यक्ष को फ़ोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. शांतनु डे ने कहा कि नियम के अनुसार इन लोगों को पार्टी के जनरल सेक्रेटरी से बात करनी चाहिए, लेकिन मैं नहीं चाहता ये लोग ज्वाइन करें. उन्होंने कहा कि जैसे इन लोगों का TMC में बहिष्कार हुआ, यहां भी होगा.

बता दें कि टीएमसी के इन बागी सांसदों के गुट की अगुवाई चार बार की लोकसभा सांसद रहीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय कर रही हैं. बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने के फैसले की पुष्टि करते हुए घोष दस्तीदार ने कहा कि हम देश के हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करेंगे.

इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बांकुरा से तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद अरूप चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि एनसीपीआई पूरे पश्चिम बंगाल में अपने दफ्तर खोलेगी.

एनसीपीआई 2022 में बनी थी. पार्टी के ऑफिस असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में हैं. कोलकाता से सटे हावड़ा जिले के बांकरा में भी इसका एक ऑफिस है. बागी सांसदों ने इस कम जानी-पहचानी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है.

इससे पहले, बागी सांसदों ने संकेत दिया था कि वे लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के अंदर एक अलग गुट बनाएंगे, जैसा पश्चिम बंगाल विधानसभा में किया गया था, और उसके बाद एनडीए से समर्थन की अपील करेंगे.

रविवार को इन घटनाक्रमों के बीच, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर आग्रह किया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर किसी भी नए गुट को मान्यता न दी जाए. उन्होंने तर्क दिया कि पार्टी के चुने हुए सांसद उस पार्टी के नीतिगत फैसलों से अलग होकर काम नहीं कर सकते, जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं.

इसके बाद, पार्टी के बागी गुट के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और एनसीपीआई में शामिल होने और एनडीए का समर्थन करने के अपने फैसले के बारे में एक प्रस्ताव सौंपा.

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