गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में सुप्रीम कोर्ट से लूथरा ब्रदर्स को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने तीनों मालिकों की जमानत रद्द करने का हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते में तीनों आरोपियों को सरेंडर करने को कहा है. मालूम हो कि गोवा के अर्पोरा स्थित बिर्क बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में दिसंबर 2025 में लगी आग में 25 लोगों की मौत हुई थी. इस भीषण अग्निकांड के बाद उसके मालिक थाइलैंड भाग गए थे. बाद में उसे थाइलैंड से लाया गया था. भारत लाए जाने के बाद तीनों आरोपियों से पूछताछ लंबी पूछताछ चली, मामले की जांच भी चली. लेकिन बीते दिनों मापुसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने पहले तीनों को जमानत दे दी थी.
मापुसा कोर्ट ने दे दी थी जमानत, हाई कोर्ट से हुई रद्द
अजय गुप्ता को 23 मार्च, जबकि सौरभ और गौरव लूथरा को 1 अप्रैल को जमानत मिली थी. गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी. 19 अगस्त को जस्टिस नीला गोखले ने राज्य की अपील स्वीकार करते हुए तीनों की जमानत रद्द कर दी थी. इसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी अपीलें खारिज कर दीं.
सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज
इस आग की घटना के मामले में तीन सह-मालिकों की जमानत रद्द करने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की ओर से दाखिल अपीलों को सोमवार को खारिज कर दिया. कोर्ट ने तीनों को दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया.
6 दिसंबर की रात नाइटक्लब में लगी थी आग, 25 लोगों की हुई थी मौत
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आग्रह किया. मामला 6 दिसंबर 2025 की रात उत्तरी गोवा के अर्पोरा में स्थित नाइटक्लब में लगी आग से जुड़ा है. इस हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी. पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि क्लब के पास वैध सुरक्षा मंजूरी नहीं थी और वहां पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी मौजूद नहीं थे.
पुलिस के मुताबिक, बिना जरूरी सुरक्षा उपायों के एक इनडोर फायर शो आयोजित किया गया था, जिसके दौरान आग भड़क गई. जांच में यह दावा भी किया गया कि रेस्तरां वैध ट्रेड लाइसेंस के बिना संचालित हो रहा था. आग लगने के कुछ घंटे बाद सौरभ और गौरव लूथरा के थाईलैंड भाग जाने की बात सामने आई थी.
थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाए जाने के बाद हुए थे गिरफ्तार
बाद में दोनों को थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया और गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य और आग से संबंधित लापरवाही समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. मामले में क्लब के अन्य साझेदारों, मैनेजर, इवेंट आयोजकों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है.
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