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रेप सहित 9 मामले दर्ज, NDPS में भी दोषी... पंजाब पुलिस का जहर खाने वाले जग्गा सिंह पर बड़ा खुलासा

संगरूर पुलिस ने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 9 एफआईआर दर्ज हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से 4 मामलों में अदालत उसे पहले ही दोषी करार दे चुकी है.

रेप सहित 9 मामले दर्ज, NDPS में भी दोषी... पंजाब पुलिस का जहर खाने वाले जग्गा सिंह पर बड़ा खुलासा
फाइल फोटो
NDTV

पंजाब के संगरूर में जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जहर पीने वाले युवक जग्गा सिंह के मामले में संगरूर पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है. पुलिस के मुताबिक, सुसाइड का प्रयास करने वाले नमोल गांव निवासी जग्गा सिंह का कोई साफ-सुथरा रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि उस पर पहले से ही 9 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

पुलिस की ब्रीफिंग के अनुसार, 20 सितंबर की शाम करीब 4 बजे डीसी दफ्तर परिसर के अंदर जग्गा सिंह ने कोई जहरीला पदार्थ पी लिया था. इस घटना के बाद जब संगरूर पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल की, तो आरोपी की पुरानी क्रिमिनल हिस्ट्री सामने आई.

4 मामलों में दोषी साबित हो चुका है जग्गा, रेप और NDPS की भी धाराएं

संगरूर पुलिस ने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 9 एफआईआर दर्ज हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से 4 मामलों में अदालत उसे पहले ही दोषी करार दे चुकी है.

इसके अलावा, चीमा थाने में दर्ज आबकारी कानून (एक्साइज एक्ट) के तीन अलग-अलग मामलों में जग्गा सिंह को सजा/दोषी ठहराया जा चुका है. सदर पटियाला थाने में दर्ज एनडीपीएस (नशा तस्करी) के एक मामले में भी जग्गा सिंह दोषी करार दिया जा चुका है.

इसके अलावा जग्गा सिंह पर 4 अन्य केस फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन (Under Trial) हैं. उसके खिलाफ दुष्कर्म (रेप) जैसी संगीन धारा में भी मामला दर्ज हुआ था, जिस पर फैसला आ चुका है. इस साल भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई है.

पुलिस को ब्लैकमेल करने और सुसाइड अटेम्प्ट के तहत होगी कार्रवाई

पुलिस ब्रीफिंग के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने रखी गई कि 12 तारीख को जग्गा सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था. इस वीडियो में उसने पुलिस प्रशासन को सीधे तौर पर धमकी दी थी कि यदि उसके ओर से की गई शिकायत पर मनमाफिक कार्रवाई नहीं हुई, तो वह खुदकुशी कर लेगा.

संगरूर पुलिस ने साफ किया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी या पब्लिक सर्वेंट को अपनी मांगों को मनवाने के लिए मजबूर करना, ब्लैकमेल करना और इस प्रक्रिया में आत्महत्या का प्रयास करना अपने आप में एक गंभीर कानूनी अपराध है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 226 के तहत यह पूरी तरह दंडनीय है.

12 तारीख को ही वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 226 के अधीन डीडीआर (Daily Diary Register) दर्ज कर ली थी. इसके साथ ही इलाके के संबंधित मजिस्ट्रेट को इस संबंध में सूचित करते हुए कलंदरा (कानूनी रिपोर्ट) भेजा गया था, जिस पर कानूनी प्रक्रिया पहले से ही चल रही थी.

पुलिस ने और क्या बताया?

पुलिस की प्रारंभिक जांच भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 (3) के तहत आगे बढ़ रही है. इस दौरान गांव की पंचायत का पक्ष भी सामने आया है. पंचायत का कहना है कि गांव में जो भी लोग नशे के कारोबार या अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, पंचायत उन्हें रोकने का काम कर रही थी.

चूंकि जग्गा सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, इसलिए कुछ राजनीतिक तत्व अपनी रंजिश निकालने के लिए जग्गा को आगे करके उकसा रहे हैं और पूरी पंचायत का नाम इस मामले में घसीटा जा रहा है. संगरूर पुलिस के अनुसार, पंचायत के इन दावों और राजनीतिक उकसावे के पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है.

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