- गंगा, यमुना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए दो लिंक कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं
- गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा
- यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली को कनेक्ट करेगा
देशभर में कई नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. राज्यों और शहरों की कनेक्टिविटी और बेहतर करने के लिए इन एक्सप्रेसवे को भी आपस में जोड़ा जा रहा है. इससे नए हाइवे-एक्सप्रेसवे के साथ-साथ ग्रिड कॉरिडोर भी तैयार हो रहे हैं. आज हम ऐसे ही एक खास एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बारे में बता रहे हैं, जिससे 7 राज्यों की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी. हम बात कर रहे हैं गंगा, यमुना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ग्रिड की. इन तीनों एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ा जाएगा. इसके बाद दिल्ली, मुंबई, जयपुर जैसे शहरों से आगरा, लखनऊ और प्रयागराज का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
कैसे जुड़ेंगे ये तीन एक्सप्रेसवे?
इस महाकनेक्टिविटी के तहत दो अहम लिंक कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं.
1. गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे: करीब 75 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. यह जेवर और बुलंदशहर होते हुए गुजरेगा.
2. जेवर-बल्लभगढ़ लिंक: इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करने के लिए नया लिंक कॉरिडोर बनाया गया है. यह यमुना एक्सप्रेसवे को फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के रास्ते सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करेगा.
किन राज्यों को मिलेगी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी?
- दिल्ली-एनसीआर: यूपी, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों से आने वाले वाहनों को बिना दिल्ली में घुसे ही बाईपास रास्ता मिल जाएगा. इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे नोएडा से शुरू होता है. इस तरह इस कॉरिडोर को दिल्ली-नोएडा की कनेक्टिविटी मिलेगी.
- उत्तर प्रदेश: गंगा एक्सप्रेसवे से पूर्वी यूपी के शहर वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर, मथुरा और आगरा से कनेक्ट हो पाएंगे. इसके साथ ही गुजरात, राजस्थान से भी कनेक्टिविटी मिलेगी.
- हरियाणा: जेवर एयरपोर्ट और मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक से हरियाणा के बल्लभगढ़-फरीदाबाद बेल्ट सीधे जुड़ पाएंगे.
- राजस्थान: राजस्थान के जयपुर-दौसा जैसे शहरों को यूपी के कई शहरों से कनेक्टिविटी मिलेगी.
- मध्य प्रदेश: दिल्ली-मुंबई का कुछ हिस्सा मध्यप्रदेश से भी गुजरता है. ऐसे में इस कॉरिडोर से एमपी के रतलाम जैसे शहर जुड़ पाएंगे.
- गुजरात: वडोदरा और सूरत जैसे गुजरात के शहर भी इस कॉरिडोर से जुड़ पाएंगे.
- महाराष्ट्र: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए भविष्य में महाराष्ट्र तक की कनेक्टिविटी मिल पाएगी.

सफर का समय हो जाएगा बेहद कम
इस कॉरिडोर के बनने के बाद यात्रा समय में भी बड़ी कमी आने की उम्मीद है. प्रयागराज से जेवर या दिल्ली का सफर लगभग 11-12 घंटे से घटकर 5-6 घंटे के आसपास रह सकता है. आगरा से जयपुर का सफर करीब 5-6 घंटे की बजाय लगभग 3 घंटे में पूरा हो सकेगा. वहीं प्रयागराज से जयपुर के बीच यात्रा समय भी लगभग आधा होने का अनुमान है.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह कॉरिडोर कई पर्यटक स्थल से गुजरेगा. ब्रज क्षेत्र, आगरा, जयपुर और पश्चिमी भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी. जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह पूरा कॉरिडोर यात्रियों, उद्योगों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बन जाएगा.
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