- बिजनौर के चांदपुर तहसील के 34 गांवों को मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे में शामिल किया जा रहा है
- मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 146.2 किलोमीटर होगी, जिसकी लागत करीब 10761 करोड़ रुपये है
- एक्सप्रेसवे बनने से मेरठ से हरिद्वार की यात्रा समय घटकर 90 मिनट रह जाएगा, वर्तमान में तीन घंटे लगते है
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की चल रही है. बिजनौर में एक्सप्रेसवे बनाए जाने की तैयारियां रफ्तार से चल रही हैं. जिले की चांदपुर तहसील के 34 गांवों को मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे में शामिल किया जाना है. इसके लिए जमीन का अधिग्रहण होना है. इसके लिए किसानों से सहमति पत्र भरवाने की तैयारी चल रही है. दरअसल एडीएम ज्युडिशियल और यूपीडा के अधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण किए जाने वाली जमीन के बैनामा को लेकर किसानों से सहमति पत्र भरवाने के निर्देश राजस्व कर्मचारियों को दिए हैं. इसके साथ ही राजस्व विभाग को जमीन की आधार खतौनी फसली वर्ष 1359 से मिलान भी करवाना होगा.
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे पर की लागत
मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई कुल 146.2 किलोमीटर होगी, जिसका यूपी में लगभग 116.8 किलोमीटर और उत्तराखंड में लगभग 29.3 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है. इसे करीब 10,761 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है.इस छह लेन एक्सप्रेस वे को भविष्य में जरूरत के हिसाब से 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.
मेरठ से हरिद्वार सिर्फ 90 मिनट में
लिंक एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से हरिद्वार सिर्फ 90 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. जबकि वर्तमान में करीब 3 घंटे का समय लगता है. इस रास्ते पर वाहन फर्राटा भरेंगे और यात्रा का समय भी घटकर बहुत कम रह जाएगा.इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2026 में यूपी और उत्तराखंड कैबिनेट से मंजूरी मिली थी.
जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों को मिलेगा मुआवजा
यह लिंक एक्सप्रेसवे मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और बुलंदशहर होते हुए हरिद्वार में मंगलोर, उत्तराखंड बॉर्डर को जोड़ेगा. इसके लिए बिजनौर के 109 गांवों की जमीन की जरूरत होगी. इसमें सदर तहसील के 62 गांव, चांदपुर के 34 गांव, नजीबाबाद के 13 गांव शामिल होंगे. किसानों की सहमति से ही ज्यादातर जमीन खरीद की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए उनको उचित मुआवजा दिया जाएगा.
इन 34 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
- रुस्तमपुर
- टांडा
- ढाकीशाहपुर
- मलेशिया
- चुखेड़ी
- सौरभनगर
- राजोपुर बंगर
- जौनपुर
- ताहरपुर गुलाम
- रुकनपुर
- हिलालपुर
- फैजीपुर कस्बा
- पीपलसाना
- चांदपुर
- महमूदपुर कस्बा
- रवाना दरगा
- कराल
- खेड़की
- सेरीसन
- चमरौला
- बाजपुर
- अकबरपुर तिगरी
- उमरी पीर
- फतेहपुर
- महमूदपुर
- पित्तनहेड़ा
- चक उमरी पीर
- टूंगरी
- हसन महमूद
- तुरतीपुर चक
- जौंगी औधा
- हीमपुर दीपा
- सिकरौड़ा
किसानों के सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया
एक्सप्रेसवे बनाने के लिए जमीन चिन्हित होने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी. गुरुवार को यूपीडा अधिकारी ने बैठक में संबधित इलाकों के लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों से जमीन का बैनामा कराने के लिए किसानों के सहमति पत्र भरवाकर जमा करने और जमीन की पूरी जांच करने के निर्देश दिए.
किसानों के अकाउंट में जाएगी मुआवजे की रकम
जमीन अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे को सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में भेजने की तैयारी चल रही है. ये रकम HDFC बैंक से ट्रांसफर की जाएगी. प्रशासन और यूपीडा की कोशिश है कि जमीन खरीद की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा सके.
ये भी पढे़ं-गुरुग्राम से झज्जर तक बनेगा फोरलेन हाईवे, दिल्ली-जयपुर और गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे तक मिलेगी तेज रफ्तार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं