नेपाल में रिक्टर पैमाने पर 5 तीव्रता का भूकंप आया है, जिसका असर उत्तर भारत में भी दिखा है. झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाह आ गए. भूकंप के कारण अभी तक जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान होने की खबर नहीं मिली है.

नेपाल में बीते 28 फरवरी तड़के सुबह रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका असर बिहार में भी महसूस किया गया था. साथ ही उसी दिन पाकिस्तान में रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था.
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म्यांमा में 28 मार्च को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया जिससे 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए, लगभग 5,000 लोग घायल हुए हैं और देशभर में 370 से ज्यादा लोग लापता हैं.

कंप क्यों आता है?
पहले हम धरती की बनावट को समझते हैं. इसकी बाहरी सतह (जिसमें क्रस्ट और ऊपरी मेंटल आते हैं) 15 बड़ी और छोटी प्लेटों से बनी हुई है. ऐसा नहीं है कि ये प्लेट स्थिर हैं. बल्कि ये बहुत धीरे इधर-उधर घूमती हैं. जब ये प्लेट एक दूसरे के सापेक्ष (आमने-सामने) में मूव करते हुए एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तब भूकंप आता है.
तिब्बत, नेपाल के साथ-साथ भारत के उत्तर और उत्तर-पूर्व में मौजूद कई सीमावर्ती इलाकों में बार-बार भूकंप आने की वजह उनकी लोकेशन ही है. यह पूरा हिस्सा हिमालय जोन में आता है. हिमालय जोन में बड़े और जानलेवा भूकंपों का इतिहास रहा है. हिमालय दुनिया के सबसे भूवैज्ञानिक रूप से सक्रिय क्षेत्रों यानी जियोलॉजिकल रूप से एक्टिव जोन में से एक बना हुआ है. यानी यहां की घरती के नीचे मौजूद प्लेट कुछ ज्यादा ही एक्टिव हैं, ज्यादा ही मूव करते हैं.
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