बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील वाले एक वीडियो को लेकर मुंबई की सियासी घमासान मच गया है. मुंबई बीजेपी के नेता अमित साटम की कड़ी आपत्ति के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दीया मिर्जा का यह वीडियो डिलीट कर दिया है. इस कदम के बाद जहां बीएमसी में सत्ताधारी बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना आमने-सामने आ गए हैं, वहीं खुद शिवसेना के भीतर भी दो अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं. एक तरफ बीजेपी के मंत्री नितेश राणे, एमएलसी श्रीकांत भारतीय और शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने दीया मिर्जा को हिंदुओं को ज्ञान न बांटने की नसीहत दी है, तो दूसरी तरफ शिंदे गुट के ही बीएमसी डिप्टी मेयर संजय घाड़ी और अमेय घोले ने अभिनेत्री का बचाव करते हुए बिना बताए वीडियो हटाने पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने वीडियो हटवाने की इस कार्रवाई को सीधी गुंडागर्दी करार दिया है.
अमित साटम के विरोध पर हटा वीडियो, डिप्टी मेयर बोले- "धार्मिक तनाव न फैलाएं"
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीएमसी ने पटाखा मुक्त और प्रदूषण रहित दिवाली के अभियान के तहत दीया मिर्जा का एक वीडियो शेयर किया. मुंबई बीजेपी के नेता अमित साटम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हमें यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनाई जाए, जिसके बाद बीएमसी ने वीडियो हटा दिया. हालांकि बीएमसी में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दीया मिर्जा ने हमें कोई ज्ञान नहीं बांटा है, बल्कि उन्होंने एक बहुत ही अच्छा संदेश दिया है और त्योहारों के मौसम में धार्मिक तनाव पैदा नहीं करना चाहिए. संजय घाड़ी ने यह भी कहा कि वीडियो डिलीट किए जाने के बारे में मेयर, डिप्टी मेयर या सदन के नेता में से किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी गई. शिंदे गुट के ही नेता अमेय घोले ने भी बीएमसी प्रशासन से जवाब मांगते हुए पूछा है कि आखिर किस कारण से यह वीडियो डिलीट किया गया, प्रशासन को इसका खुलासा करना चाहिए.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On actress Dia Mirza's pollution-free Diwali campaign, State Minister Nitesh Rane says, "Dia Mirza has tweeted about Diwali, but she never tweets or offers such advice during Eid, Muharram or Bakri Eid. They only talk about an environment-friendly Holi. They should also speak about an environment-friendly Ramzan and Bakri Eid... People like her are against the Sanatan Hindu religion... I will discuss this issue with the CM and focus on preventing such matters in the future."
— ANI (@ANI) November 2, 2026
शाइना एनसी की नसीहत- "हमें सबक न सिखाएं"
दिलचस्प बात यह है कि जहां शिंदे गुट के स्थानीय नेता दीया मिर्जा का समर्थन कर रहे हैं, वहीं पार्टी की प्रवक्ता शाइना एनसी ने अभिनेत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शाइना एनसी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिवाली साफ तौर पर रोशनी का त्योहार है और दीया मिर्जा, जिनके खुद के नाम में 'दीया' है, उन्हें यह समझना चाहिए कि दिवाली के साथ एक खास सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हुई है. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी प्रदूषण फैलाने या पटाखे फोड़ने को बढ़ावा नहीं दे रहा है, लेकिन यह आत्ममंथन हमें खुद करना है और मुंबईकर होने के नाते हमें क्या करना चाहिए, इस पर किसी बाहरी व्यक्ति से सबक लेने की जरूरत नहीं है.
VIDEO | Reacting to an anti-pollution campaign involving actor Dia Mirza, Shiv Sena spokesperson Shaina NC (@ShainaNC) says, "Diwali is clearly the festival of lights and to Dia Mirza, whose name has a Diya, she should understand too that there is a certain kind of cultural identity with Diwali. Nobody is propagating you know, pollution or bursting crackers, but we need to introspect that ourselves. We don't need a lesson in what we should be doing as Mumbaikars from others." #DiaMirza #Pollution
— Press Trust of India (@PTI_News) November 2, 2026
नितेश राणे ने बताया सनातन विरोधी
बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे पर दीया मिर्जा को सीधे तौर पर निशाने पर लिया है. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने कहा कि दीया मिर्जा दिवाली पर तो ट्वीट करती हैं, लेकिन ईद, मुहर्रम या बकरीद के दौरान कभी ऐसी सलाह नहीं देतीं. राणे ने आरोप लगाया कि ये लोग सिर्फ पर्यावरण अनुकूल होली और दिवाली की बात करते हैं, जबकि इन्हें पर्यावरण अनुकूल रमजान और बकरीद पर भी बोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा जैसे लोग सनातन हिंदू धर्म के खिलाफ हैं और वे भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे.
वहीं बीजेपी एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दीया मिर्जा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और यह देखना चाहिए कि वह जिस समुदाय से आती हैं, वहां क्या होता है. उन्होंने कहा कि हम किसी धर्म या पूजा पद्धति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन भारत के हिंदू सदियों से पर्यावरण की चिंता करते आए हैं और उन्हें यह समझाने की जरूरत नहीं है कि पटाखे कहां और कैसे फोड़े जाएं, इसलिए दीया मिर्जा को पहले अपने समुदाय के लोगों से बात करनी चाहिए.
अबू आजमी ने साधा निशाना, बताया बीजेपी की गुंडागर्दी
बीएमसी द्वारा दबाव में आकर दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने पर विपक्षी नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम के विरोध के बाद वीडियो हटाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि यह इन लोगों की सीधी गुंडागर्दी है. पर्यावरण के एक संदेश से शुरू हुआ यह मामला अब मुंबई में पूरी तरह से सियासी और धार्मिक रंग ले चुका है.
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