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This Article is From Apr 20, 2026

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने स्वीकार की अरविंद केजरीवाल की अर्जी, कहा- आपके लिए आउट ऑफ वे जाकर अर्जी स्वीकार की

जस्टिस शर्मा ने कहा कि क्योंकि आज 2:30 बजे फैसला सुनाया जाना है. मैं आपके जवाब को लिखित बयान के तौर पर रिकॉर्ड पर लूंगी. मैं यह छूट केजरीवाल को दे रही हूं.

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने स्वीकार की अरविंद केजरीवाल की अर्जी, कहा- आपके लिए आउट ऑफ वे जाकर अर्जी स्वीकार की
  • दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट में पेश हुए.
  • उन्‍होंने अदालत से कहा कि हमने रिजोइंडर फाइल किया है, जिसे रिकॉर्ड पर लिया जाए. अदालत ने अर्जी स्‍वीकार कर ली.
  • सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केजरीवाल की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि लिखित सबमिशन का रिजोइंडर नहीं होता है.

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट में पेश हुए. केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से कहा कि हमने रिजोइंडर फाइल किया है, जिसे रिकॉर्ड पर लिया जाए. अदालत ने उनकी अर्जी स्‍वीकार कर ली है. जस्टिस शर्मा ने कहा कि आपके लिए आउट ऑफ वे जाकर हमने अर्जी स्वीकार की है. वहीं आबकारी केस में जज बदलने की याचिका पर अब अदालत शाम साढ़े चार बजे फैसला सुनाया जाएगा. 

अदालत में केजरीवाल की बयान को रिकॉर्ड पर लेने की अर्जी का सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विरोध किया और कहा कि 13 अप्रैल को उन्होंने खुद आकर बहस करने का फैसला किया, जिसका किसी ने विरोध नहीं किया. उन्होंने एक घंटे तक बहस की, जब उन्हें बताया गया कि मामला आज खत्म हो जाएगा तो वे चले गए. 

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... तो यह न्याय की विफलता होगी: केजरीवाल  

मेहता ने कहा कि फैसला सुरक्षित है. मैं यह साफ कर दूं कि पूरे देश में किसी भी कोर्ट के सामने जैसे ही मामला सुरक्षित होता है, कोई भी दलील रिकॉर्ड पर नहीं ली जाती है. पूरे देश में इसका पालन किया जाता है. उन्होंने कहा कि वह एक और एफिडेविट फाइल करना चाहते हैं. मुझे पता था कि क्या होने वाला है. उसके बाद मैंने लिखकर सबमिशन फाइल किए. देश में कहीं भी लिखकर सबमिशन का जवाब फाइल करने का कोई तरीका नहीं है. कृपया वही करें जो कोई भी कोर्ट इस देश के किसी भी कानूनी मामले में शामिल व्‍यक्ति के साथ करता है. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रजिस्ट्री एक्सेप्ट नहीं की जा रही है. CBI ने अपना जवाब फाइल कर दिया है. पहले एक्सेप्ट दिखा रहा था बाद में रिजेक्ट दिखाने लगा. इस पर तुषार मेहता ने कहा कि यह कोई जवाब नहीं है. यह लिखित सबमिशन है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर हमारे जवाब को रिकॉर्ड नहीं लिया जाएगा तो यह न्याय की विफलता होगी. 

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जस्टिस स्‍वर्ण कांता शर्मा ने क्‍या कहा? 

इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि केजरीवाल को किसी भी आम आदमी से कहीं अधिक लाभ दिया है. उन्‍होंने केजरीवाल से कहा कि आप यह नहीं कह सकते कि आपको निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिली. अदालत ने आपको लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए अतिरिक्त छूट दी है. 

उन्‍होंने कहा कि आपका एडिशनल एफिडेविट ऑन रिकॉर्ड लिया गया, क्योंकि आप खुद बहस कर रहे थे. उन्‍होंने कहा कि रजिस्ट्री का एक रूल है, जो सबके लिए फाइल हो रहा है. यह कोई एक्स्ट्राऑर्डिनरी केस नहीं है. यह सामान्य केस है जैसा बाकी लोगों का होता है. मैंने ऑर्डर रिजर्व करने के बाद एडिशनल एफिडेविट ऑन रिकॉर्ड लिया. 

जस्टिस शर्मा ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सही कह रहे हैं कि रिटन सबमिशन का कोई रिजॉइंडर नहीं होता है. आप रिटन सबमिशन फाइल कर सकते थे. उसका टाइम दिया गया था, वो आपने नहीं किया. साथ ही उन्‍होंने कहा कि कोर्ट की जो प्रक्रिया है, उसे हम कभी भी एक व्यक्ति विशेष के लिए नहीं बदलेंगे. 

शाम 4.30 बजे फैसला सुनाएगी अदालत 

जस्टिस शर्मा ने कहा कि क्योंकि आज 2:30 बजे फैसला सुनाया जाना है. मैं आपके जवाब को लिखित बयान के तौर पर रिकॉर्ड पर लूंगी. मैं यह छूट केजरीवाल को दे रही हूं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि किसी और आम आदमी को यह एक्स्ट्रा फायदा नहीं मिला होगा. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि मैं अब 4:30 बजे ऑर्डर सुनाऊंगी. 

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