- वित्त मंत्री सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ग्रामीण विकास और कृषि पर विशेष ध्यान देते हुए पेश करेंगी
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विशेषज्ञों और संस्थाओं से संवाद कर सुझाव वित्त मंत्री को दिए
- नई रोजगार गारंटी योजना "विकसित भारत – जी राम जी" के लिए एक लाख पचास हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को ठीक 11 बजे लोकसभा में वित्त वर्ष 2026‑27 का बजट पेश करेंगी. बजट को लेकर उद्योग जगत, शेयर बाजार और आम लोगों में उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार के बजट में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस देखने को मिल सकता है. ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री बड़े पैमाने पर फंड आवंटन का ऐलान कर सकती हैं.
संस्थाओं से संवाद कर प्रस्ताव वित्त मंत्री को सौंपा
कृषि मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के अलग-अलग राज्यों का दौरा किया है. इसके अलावा दिल्ली में भी उन्होंने प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं, ग्रामीण उद्योगों और दोनों मंत्रालयों से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया. इन चर्चाओं से प्राप्त विचारों और सुझावों को एक समग्र कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रस्ताव के रूप में तैयार कर उन्होंने वित्त मंत्री को सौंप दिया है.
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बजट 2026‑27 से बड़ी उम्मीदें
केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर पहल कर रही है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बजट 2026‑27 किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. इसी कड़ी में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई रोजगार गारंटी योजना “विकसित भारत – जी राम जी योजना” के लिए वित्त मंत्रालय के समक्ष ₹1,51,282 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है. इससे पहले पिछले बजट में मनरेगा के लिए कुल ₹86,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था.
बजट में 72% बढ़ोतरी का प्रस्ताव
दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की जगह लाए गए नए “विकसित भारत – जी राम जी” कानून के तहत बजट में लगभग 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड के चमोली ज़िले के गौचर में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि मनरेगा की कमियों को दूर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत – जी राम जी योजना” शुरू की है.
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खर्च होगा 1.51 लाख करोड़
उन्होंने बताया था कि इस योजना के तहत 100 से 125 दिन की रोजगार गारंटी, बेरोजगारी भत्ता और लंबित मजदूरी पर ब्याज का भी प्रावधान किया गया है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि पिछले बजट में इस योजना के लिए ₹88,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जबकि इस बार ₹1,51,282 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, जो पहले की तुलना में लगभग पौने दोगुना है. इस तरह ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रोजगार गारंटी के लिए लाए गए नए कानून के तहत करीब ₹63,282 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के सामने रखा है.
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