वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को ठीक 11 बजे लोकसभा में इस साल का बजट पेश करेंगी. इसे लेकर उद्योग जगत, बाजार और आम लोगों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, इस साल के बजट में विशेष फोकस ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र के विकास पर रह सकता है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ज़्यादा फंड आवंटित करने का ऐलान कर सकती हैं.
शिवराज चौहान ने सौंपे अहम सुझाव
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के विभिन्न राज्यों का दौरा करके कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित सुझाव तैयार करके वित्त मंत्री को सौंपे हैं. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, शिवराज चौहान ने राज्यों के दौरों के अलावा दिल्ली में भी प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं, ग्रामीण उद्योगों और मंत्रालयों से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से संवाद किया. इस मंथन से निकले मुद्दों को सुझावों के तौर पर तैयार करके वित्त मंत्री को सौंपा.
72 फीसदी तक बजट बढ़ाने का सुझाव
केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर पहल कर रहा है. अब उम्मीद जताई जा रही है कि 2026-27 के बजट में किसानों और ग्रामीण भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण ऐलान हो सकते हैं. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई रोजगार गारंटी योजना "विकसित भारत - जी राम जी योजना" का बजट 1,51,282 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के सामने रखा है.
इससे पहले पिछले बजट में मनरेगा का कुल बजट 86 हजार करोड़ रुपये था. इस तरह दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की जगह लाये गए नए "विकसित भारत - जी राम जी" कानून का बजट करीब 72% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है.
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कृषि मंत्री ने गिनाई योजना की खासियतें
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में चमोली के गौचर में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में 29 दिसम्बर को किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा था कि मनरेगा की कमियों को दूर करके प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत जी राम जी योजना शुरू की है.
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₹63 हजार अतिरिक्त खर्च का प्रस्ताव
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 100 से 125 दिन रोजगार की गारंटी, बेरोजगार भत्ता, लंबित मजदूरी पर ब्याज का प्रावधान किया है. इस योजना के लिए पिछले बजट में 88 हजार रुपये का प्रावधान था. इस बार जो 1,51,282 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव दिया है. इस तरह ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रोज़गार गारंटी के लिए लाये गए नए कानून पर 63,282 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने का प्रस्ताव रखा है.
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